UP: जालसाज निकला पंचायत सहायक, असली आईडी हैक कर बना रहा था फर्जी आधार, ऐसे हुआ खुलासा
श्रावस्ती में एक पंचायत सहायक जालसाज निकला। वो दो लोगों के साथ मिलकर असली आईडी हैक करने के बाद नकली आधार सहित कई प्रमाण पत्र बना रहा था। मामले का खुलासा हो गया है।
विस्तार
श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर जब्दी का पंचायत सहायक जालसाज निकला। जो दो अन्य लोगों के साथ मिलकर ग्राम सचिवालय में न सिर्फ फर्जी आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बना रहा था बल्कि पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक से संपर्क कर आधार की आईडी हैक कर आधार भी बना रहा था। इसका खुलासा करते हुए एसओजी, पुलिस व एसएसबी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से आधार आदि बनाने का उपकरण भी बरामद किया।
एसपी घनश्याम चौरसिया के अनुसार रामपुर जब्दी निवासी अहसान उल्लाह पुत्र इनामुल्लाह पंचायत सहायक है जिसने कुछ समय पूर्व फेसबुक के माध्यम से पश्चिम बंगाल निवासी संजीव कुमार से संपर्क किया जिसने उसे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र व असली आधार कार्ड बनाने के लिए आईडी दिया।
इसके बदले में एहसान उल्ला ने संजीव कुमार को 45 हजार रुपये भी दिए। इसके बाद पंचायत सहायक ने गांव के ही अरविंद यादव पुत्र सालिगराम यादव के साथ मिल कर फर्जी तरीके से आय, जाति निवास प्रमाण पत्र व कूटरचित तरीके से आधार कार्ड बनाना शुरू किया। इस काम के लिए उसने मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ही सोहरिया निवासी राशिद पुत्र मुस्ताक अली से संपर्क किया जो ग्राहक सेट कर इनके पास लाता था। इसके बदले में जहां अरविंद यादव को 500 रुपये प्रतिदिन तो राशिद को 250-300 रुपये प्रति व्यक्ति कमीशन देता था। मुखबिर की सूचना पर एसओजी प्रभारी नितिन यादव, थानाध्यक्ष मल्हीपुर जयहरी मिश्रा व एसएसबी के सहायक कमांडेंट केएच नामाचंद्र सिंह ने टीम के साथ तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
आठ फर्जी निवास प्रमाण पत्र सहित यह सामान हुआ बरामद
ग्राम सचिवालय में छापेमारी के दौरान टीम ने आठ फर्जी निवास प्रमाण पत्र, तीन आय प्रमाण पत्र, तीन लैपटॉप, चार मोबाइल, एक प्रिंटर, दो इंक टोनर, एक की बोर्ड, दो फिंगर स्केनर, तीन चार्जर, दो माउस, दो कैमरा, चार यूएसबी हब, एक स्विच टू पोर्ट, एक आइरिस स्कैनर, 62 आधार कार्ड स्लिप, 12 आधार कार्ड, सादे पेपर व 10 रजिस्टर डायरी आदि बरामद किया।
कहीं पश्चिम बंगाल से नेपाल तक जुड़े तार
एसपी घनश्याम चौरसिया ने कहा कि आरोपी अहसान के तार पश्चिम बंगाल से नेपाल तक जुड़े थे। अहसान उल्लाह को यूडीआईडी देने वाला संजीव कुमार पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। इसके साथ ही कुछ अन्य लोग उसके संपर्क में हैं। जिनके खाते में यह पैसा भेजता था। यही नहीं जिन लोगों की शादी नेपाल में हुई थी। वह अपनी पत्नियों का आधार कार्ड बनवाने के लिए इसके संपर्क में थे। इसने आधार कार्ड बनाया कि नहीं इसकी जांच की जा रही है। वहीं, इसका खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा साथ ही आधार की वेबसाइट हैक करने के मामले में डीआईजी भारत सरकार व प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर रहे है। जो आकर इनसे पूछताछ करेंगे।
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