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अब नहीं चलेगा विषय बदलकर पदोन्नति का खेल, उप मुख्यमंत्री ने दिए ऐसे मामलों में कार्रवाई के निर्देश
Sun, 17 Nov 2019 09:45 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 17 Nov 2019 09:45 PM IST
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों में समय से पहले पदोन्नति के लिए विषय बदलने का खेल नहीं चलेगा। प्रवक्ता और सहायक अध्यापक नियुक्ति के समय दिए विषय में ही पदोन्नति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने पदोन्नति के नए नियमावली बनाने की कार्यवाही शुरू की है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में समय से पहले पदोन्नति के लिए प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के बीच विषय बदलने का खेल चल रहा है। प्रवक्ता ने यदि अंग्रेजी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता या सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पाई है। अंग्रेजी विषय में पदोन्नति में विलंब होने, संस्कृत में पदोन्नति जल्द मिलने की स्थिति में सहायक अध्यापक संस्कृत में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर पदोन्नति का दावा पेश कर पदोन्नत हो जाते हैं।
बीते दिनों आयोजित समीक्षा बैठक में सामने आया कि इससे अध्यापक के मूल विषय में पद रिक्त हो जाता है और जिस नए विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर वह पदोन्नति पाता है उस विषय की वरिष्ठता सूची गड़बड़ा जाती है। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस व्यवस्था से भी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इस व्यवस्था को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने पदोन्नति की संशोधित नियमावली बनाने की कवायद शुरू की है। डॉ. शर्मा ने बताया कि विषय बदलकर पदोन्नति लेने पर रोक लगाई जाएगी, इसका आदेश जल्द जारी किया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में समय से पहले पदोन्नति के लिए प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के बीच विषय बदलने का खेल चल रहा है। प्रवक्ता ने यदि अंग्रेजी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता या सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पाई है। अंग्रेजी विषय में पदोन्नति में विलंब होने, संस्कृत में पदोन्नति जल्द मिलने की स्थिति में सहायक अध्यापक संस्कृत में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर पदोन्नति का दावा पेश कर पदोन्नत हो जाते हैं।
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बीते दिनों आयोजित समीक्षा बैठक में सामने आया कि इससे अध्यापक के मूल विषय में पद रिक्त हो जाता है और जिस नए विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर वह पदोन्नति पाता है उस विषय की वरिष्ठता सूची गड़बड़ा जाती है। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस व्यवस्था से भी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इस व्यवस्था को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने पदोन्नति की संशोधित नियमावली बनाने की कवायद शुरू की है। डॉ. शर्मा ने बताया कि विषय बदलकर पदोन्नति लेने पर रोक लगाई जाएगी, इसका आदेश जल्द जारी किया जाएगा।