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Lucknow News: अब न्यायालय से निपटेगा कसमंडी कलां का विवाद

Wed, 03 Jun 2026 02:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:15 AM IST
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Now the dispute of Kasmandi Kalan will be resolved through the court
लखनऊ। मलिहाबाद के कसमंडी कलां में विवादित ढांचे का निपटारा अब न्यायालय से होगा। तीनों पक्ष कोर्ट जाने की तैयारी में हैं और इस संबंध में अधिवक्ताओं से विधिक राय ले रहे हैं। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कई विवादित ढांचों पर मस्जिद और मंदिर होने का दावा किया गया। इनमें से ज्यादातर विवादों का समाधान न्यायालय से ही हुआ।
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कसमंडी कलां में विवादित ढांचे पर मुस्लिम और पासी समाज अपना-अपना दावा कर रहे हैं। मुस्लिम पक्ष इसे अपना इबादत स्थल और मजार बता रहा है तो दूसरी ओर पासी समाज इसे कंसा पासी का किला बता रहा है। दावों के बीच कई बार झड़प जैसी स्थिति भी बनी। शांति व्यवस्था और तनावपूर्ण स्थिति को खत्म करने के लिए प्रशासन ने विवादित ढांचे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर पुलिस तैनात कर दी है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के ढांचे के आसपास जाने पर पाबंदी लगाई गई है।
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पहले भी कोर्ट दे चुका है इस तरह के फैसले
अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का समाधान कोर्ट से हुआ था। संभल जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद और वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर विवाद का समाधान भी कोर्ट से हुआ। हालांकि, इनकी प्रक्रिया लंबी थी, लेकिन फैसला आने तक किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। ऐसे में कसमंडी कलां में विवादित ढांचे पर फैसला न्यायालय से मिल सकता है।
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संवैधानिक तरीके से हो फैसला

मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष जीशान मिर्जा ने कहा कि आजादी के बाद हर फैसले संवैधानिक तरीके से होता है। विवादित ढांचे का भी सही फैसला कानूनी तरीके से हो। एक हजार वर्ष पहले वहां क्या था, इस बात के बजाय आजादी के बाद किसके पास क्या है इस पर बात करनी चाहिए।



जरूरत पड़ेगी तो न्यायालय भी जाएंगे

लाखन आर्मी के संगठन सचिव नीरज पासी ने कहा कि हम सभी शांतिपूर्ण तरीके से इस विवाद को खत्म करना चाहते हैं। सही तरीके से जांच हो तभी स्पष्ट तस्वीर सामने आएंगी। जरूरत पड़ेगी तो न्यायालय भी जाएंगे, लेकिन इसका फैसला संगठन स्तर पर लिया जाएगा। सुहेलदेव आर्मी के अध्यक्ष योगेश पासी ने कहा कि कसमंडी कलां में विवादित ढांचे पर न्यायिक फैसले के लिए कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। इसके लिए पहले वकील से सलाह ली जाएगी। सुझाव के आधार पर आगे का कदम उठाएंगे।




नहीं सौंपी गई रिपोर्ट

राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने कहा कि मलिहाबाद के कसमंडी कलां स्थित विवादित ढांचे पर अभी तक कोई रिपोर्ट संस्कृति निदेशालय या शासन को नहीं सौंपी गई है। इस पर आधिकारिक रूप से किसी टीम ने निरीक्षण फिलहाल नहीं किया है।
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