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Lucknow News: रतनखंड योजना में अब एलडीए करेगा विकास कार्य, कालोनी को वापस लिया
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लखनऊ। एलडीए ने रायबरेली रोड स्थित रतन खंड योजना का रखरखाव और आगे का विकास अब खुद करने का फैसला किया है। इसके तहत वहां की खाली पड़ी जमीन की पहचान के लिए जल्द सर्वे कराया जाएगा, जिसके बाद उन भूखंडों का आवंटन भी एलडीए ही करेगा। एलडीए बोर्ड ने मंगलवार को यूनीटेक बिल्डर के साथ 1988 में हुआ अनुबंध रद्द कर दिया है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यूनीटेक को योजना के विकास और भूखंड आवंटन का लाइसेंस दिया गया था। रजिस्ट्री का काम एलडीए करता था, जबकि जमीन का विकास और वितरण बिल्डर के जिम्मे था। बिल्डर दिवालिया हो चुका है और उसकी कोई सूचना नहीं मिल रही है। योजना में विकास कार्य ठप हो चुके हैं और अतिक्रमण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए एलडीए ने बिल्डर का अनुबंध खत्म कर योजना को अपने कब्जे में ले लिया है।
अधूरे काम पूरे कर नगर निगम को सौंपी जाएगी योजना
रतन खंड कॉलोनी को विकसित करने के बाद उसका रखरखाव नगर निगम को सौंपा जाएगा। कॉलोनी लगभग 35 साल पुरानी है और कई काम अब भी अधूरे हैं। एलडीए अब शेष कार्यों को पूरा कराएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कितनी जमीनें खाली पड़ी हैं, ताकि उनका नियमानुसार आवंटन किया जा सके।
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हिमालयन व बहुजन सोसायटी पर भी कार्रवाई
एलडीए वीसी ने बताया कि दि हिमालयन सहकारी आवास समिति और बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति का अनुबंध भी रद्द कर दिया गया है। अब जिन भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें एलडीए अपने कब्जे में लेगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। हालांकि, जिन लाभार्थियों की रजिस्ट्री हो चुकी है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनकी संपत्ति पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।
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एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यूनीटेक को योजना के विकास और भूखंड आवंटन का लाइसेंस दिया गया था। रजिस्ट्री का काम एलडीए करता था, जबकि जमीन का विकास और वितरण बिल्डर के जिम्मे था। बिल्डर दिवालिया हो चुका है और उसकी कोई सूचना नहीं मिल रही है। योजना में विकास कार्य ठप हो चुके हैं और अतिक्रमण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए एलडीए ने बिल्डर का अनुबंध खत्म कर योजना को अपने कब्जे में ले लिया है।
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अधूरे काम पूरे कर नगर निगम को सौंपी जाएगी योजना
रतन खंड कॉलोनी को विकसित करने के बाद उसका रखरखाव नगर निगम को सौंपा जाएगा। कॉलोनी लगभग 35 साल पुरानी है और कई काम अब भी अधूरे हैं। एलडीए अब शेष कार्यों को पूरा कराएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कितनी जमीनें खाली पड़ी हैं, ताकि उनका नियमानुसार आवंटन किया जा सके।
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हिमालयन व बहुजन सोसायटी पर भी कार्रवाई
एलडीए वीसी ने बताया कि दि हिमालयन सहकारी आवास समिति और बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति का अनुबंध भी रद्द कर दिया गया है। अब जिन भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें एलडीए अपने कब्जे में लेगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। हालांकि, जिन लाभार्थियों की रजिस्ट्री हो चुकी है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनकी संपत्ति पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।