{"_id":"cce9089e4b9c8fdedb7205d58a8476d7","slug":"not-the-right-of-association-lobbying","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकेदारों को हाईकोर्ट ने दिया झटका, याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकेदारों को हाईकोर्ट ने दिया झटका, याचिका खारिज
मनोज कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 21 Jul 2014 03:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठेकेदारों की एसोसिएशन नगर निगम से ठेकेदारों का बकाया भुगतान दिलाने के लिए पैरवी नहीं कर सकती हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन को बकाया भुगतान के लिए नगर निगम के अफसरों को निर्देश दिए जाने की कोर्ट से गुजारिश करने का कोई हक नहीं है।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वितीय की खंडपीठ ने यह अहम टिप्पणी शहर की फ्रेंड्स कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन की रिट खारिज करते हुए की।
याची नगर निगम लखनऊ के ठेकेदारों की एसोसिएशन है, जिसने ठेकेदारों को कराए गए कामों का बकाया भुगतान नगर निगम से उन्हें दिलाए जाने का आग्रह किया था।
अदालत ने यह कहते हुए याची एसोसिएशन की इस गुजारिश को मानने से इन्कार कर दिया कि एसोसिएशन न तो ठेकेदार है और न ही इसने नगर निगम द्वारा सौंपे गए किसी काम को कराया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने फैसले में एक नजीर का हवाला देते हुए कहा कि वे निजी तौर पर याचिकाएं कोर्ट फीस लगाकर दायर करते या फिर वे सक्षम अदालत के समक्ष नियमित दावा दायर कर सकते थे।
विज्ञापन
याची एसोसिएशन को ऐसे भुगतान के लिए नगर निगम के प्राधिकारियों को निर्देश देने का कोर्ट से आग्रह करने का कोई हक नहीं है।
कोर्ट ने ठेकेदारों को मामले में समुचित फोरम को अप्रोच करने की छूट दी है।