ऐसा हुआ तो 10 घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली से पटना!
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दिल्ली से पटना महज 10 घंटे में पहुंच सकते हैं। सुनकर हैरान हो गए न! लेकिन यह सपना सच हो सकता है अगर यूपी के साथ-साथ बिहार सरकार इसके लिए दिलचस्पी दिखाए।
दरअसल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास के साथ ही यूपी सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे को नए एलाइनमेंट पर बनवाने की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं।
इसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ते हुए आजमगढ़ होते हुए बलिया तक ले जाने की योजना है। यूपी एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के सूत्रों का कहना है कि नए एलाइनमेंट के अनुसार नोएडा से बलिया के बीच की दूरी 1047 किलोमीटर से घटकर लगभग 765 किलोमीटर रह जाएगी।
यानी नोएडा से बलिया के बीच की दूरी 235 किमी कम हो जाएगी। इसके बाद अगर बिहार सरकार बलिया से पटना तक 300 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे बनवाने को तैयार हो जाती है तो दिल्ली से पटना की दूरी 10 घंटे में तय करने का सपना हकीकत में बदल सकता है।
गौरतलब है कि मायावती सरकार में नोएडा से बलिया तक 1047 किलोमीटर लंबे आठ लेन के एक्सप्रेस-वे के निर्माण का फैसला किया गया था।
परियोजना में 20 हजार करोड़ के खर्चे का अनुमान
लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिलने के कारण इस परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। वर्ष 2012 सपा की सरकार बनने के बाद यह परियोजना पुन: ठंडे बस्ते में चली गई।
लेकिन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की शुरुआत के साथ ही अब नए सिरे से बलिया तक एक्सप्रेस-वे के निर्माण की कवायद शुरू की गई है।
यूपीडा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को आजमगढ़ होते हुए बलिया तक ले जाने की संभावनाएं तलाशने में जुट गया है। इसके लिए यूपीडा ने फिजिबिलिटी स्टडी शुरू करा दी है। साथ ही अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग को पत्र भेजकर इसके लिए अनुमति मांगी है।
यूपीडा के सूत्रों का कहना है कि नोएडा से बलिया तक एक्सप्रेस-वे के निर्माण में तो कोई बड़ी बाधा आने की उम्मीद नहीं है क्योंकि इसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से ही जोड़ने की योजना है।
इस परियोजना पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। फिजिबिलिटी स्टडी के बाद ही यह तय हो पाएगा कि इसे पीपीपी मोड पर बनवाया जाए या राज्य सरकार अपने संसाधनों से बनवाए।