नेपाल पुलिस की दबंगई, लखनऊ के सराफ को बिना नोटिस ही उठाकर ले गई
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इस संबंध में प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नेपाल हमारा मित्र देश है। नेपाल और भारत की एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को पकड़ने से पहले क्षेत्र की पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए, भले ही वह पड़ोसी जिले की है पुलिस क्यों न हो।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रियदर्शिनी कॉलोनी निवासी सराफ किशोरी लाल को 28 सितंबर की शाम सफेद रंग की स्विफ्ट कार सवार कुछ लोग उठाकर ले गए थे। सराफ के बेटे विकास सोनी ने मड़ियांव थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में पता चला कि किशोरी लाल को नेपाल के नेपालगंज में 13 साल पहले उनके दामाद दीपक हेमकर समेत पांच लोगों की हत्या के आरोप में वहां की पुलिस पकड़कर ले गई है।
उन्होंने कहा कि नेपाल मित्र देश है लेकिन उन्हें भारत से किसी भी व्यक्ति को पकड़ने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी। नेपाल पुलिस ने न ही भारतीय दूतावास को सूचना दी न ही स्थानीय स्तर पर पुलिस से संपर्क किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भारतीय दूतावास और नेपाली दूतावास से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।
बेटे ने कहा-हत्याकांड में पिता की भूमिका के बारे में नहीं दी जानकारी
भारत सरकार और स्थानीय पुलिस को नोटिस या जानकारी देते हुए गिरफ्तारी की अनुमति लेनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसे नेपाल पुलिस देश में घुसकर किसी व्यक्ति को उठा ले जाती है और बाद में नेपाल-भारत के बार्डर से उनकी गिरफ्तारी दिखाती है।
'पति को सम्मानपूर्वक भारत लेकर आएं'
किशोरीलाल सोनी को नेपाल ले जाने की सूचना से उनके परिवारीजन भयभीत हैं। किशोरीलाल की पत्नी ने शनिवार को कहा कि मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। पुलिस मेरे पति को सम्मानपूर्वक नेपाल से भारत लेकर आए। उन्होंने कहा कि हमें नेपाल पुलिस पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है, इसलिए पुलिस जल्द से जल्द कार्रवाई करे।
2006 में हुई थी नेपाल के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी की हत्या
इस जघन्य हत्याकांड की छानबीन में नेपाल पुलिस को किशोरी लाल की भूमिका संदिग्ध लगी। इसके बाद पुलिस ने यहां आकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, लिखा पढ़ी में वहां की पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा से दिखाई है। किशोरी लाल को उठाकर ले जाने की सीसीटीवी फुटेज मिली थी, जिस पर सराफ के बेटे विकास ने मड़ियांव पुलिस से संपर्क किया। मड़ियांव पुलिस ने उन्हें बताया कि किशोरी लाल को नेपाल पुलिस पांच हत्याओं के मामले में ले गई है।