गोरखपुर से लापता लड़कियां मुंबई से बरामद, जानें- कैसे मददगार रहा ट्विटर
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ट्विटर के जरिए गुमशुदा लड़कियों को तलाश करने वाले गोरखपुर के सोशल मीडिया सेल में तैनात पुलिस कर्मियों और पुलिस की मदद करने वाले एक व्यक्ति को डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार 28 जून को दो लड़कियों की गुमशुदगी की खबर गोरखपुर के चौरीचौरा थाने को मिली थी। इनकी तलाश के लिए गोरखपुर पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने ट्विटर का सहारा लिया। यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडिल से भी इस पोस्ट को रिट्वीट किया गया और लोगों से तलाश में मदद की अपील की गई।
पुलिस के इस ट्वीट पर मुंबई में हरि विलास विश्वकर्मा की नजर पड़ी। उसी दिन वह अपनी मां को लेने कुर्ला रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां पर पुलिस के ट्विटर हैंडिल पर पोस्ट की गई फोटो से मिलती जुलती दो लड़कियों को वहीं बेंच पर बैठा देखा।
पुलिस कर्मी को सम्मानित करने की घोषणा
प्रदीप ने इसकी सूचना आरपीएफ को दी और दोनों लड़कियों को आरपीएफ की सुपुर्दगी में दे दी। इसकी जानकारी गोरखपुर पुलिस को दी गई। गोरखपुर पुलिस ने कुर्ला रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ से संपर्क किया और दोनों लड़कियों को वापस गोरखपुर लाकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
प्रदीप का यह काम यूपी के डीजीपी को पसंद आया और उन्होंने प्रदीप को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने और गोरखपुर सोशल मीडिया सेल में नियुक्त पुलिस कर्मियों को डीजीपी का प्रशंसा चिह्न देकर सम्मानित करने का निर्णय किया।
साथ ही इस तरह की कवायद करने वाले हर पुलिस कर्मी और नागरिक को प्रशंसा चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।