{"_id":"5b459ea04f1c1bbc248b5d17","slug":"medical-teachers-will-be-appointed-on-contract-in-medical-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेजों में नियुक्त होंगे चिकित्सा शिक्षक, लागू होंगे ये नियम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेजों में नियुक्त होंगे चिकित्सा शिक्षक, लागू होंगे ये नियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:38 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद, जालौन, बदायूं और झांसी में खाली पड़े चिकित्सा शिक्षकों के पदों को संविदा से भरा जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया। इनकी तैनाती एक साल के लिए या नियमित नियुक्ति होने तक के लिए होगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासनादेश के अनुसार, इन चिकित्सा शिक्षकों का कहीं तबादला नहीं किया जाएगा। संविदा शिक्षकों को 22 जनवरी 2015 को जारी शासनादेश के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा वे अन्य किसी प्रकार के वेतन-भत्ते और सेवागत लाभ के हकदार नहीं होंगे। संविदा के समय के लिए किसी प्रकार की पेंशन संबंधी सुविधाएं भी इन्हें नहीं दी जाएंगी और न ही कोई बोनस दिया जाएगा।
संविदा पर तैनात चिकित्सा शिक्षकों को मेडिकल कॉलेज में आकस्मिक या आपदा सेवाओं के लिए हमेशा उपलब्ध रहना होगा। वे ओपीडी के दिन प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेंगे। प्राइवेट प्रैक्टिस करने की स्थिति में उन्हें अपनी जगह बतानी होगी। वे मरीजों को प्राइवेट में देखने के लिए मजूबर नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासनादेश के अनुसार, इन चिकित्सा शिक्षकों का कहीं तबादला नहीं किया जाएगा। संविदा शिक्षकों को 22 जनवरी 2015 को जारी शासनादेश के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा वे अन्य किसी प्रकार के वेतन-भत्ते और सेवागत लाभ के हकदार नहीं होंगे। संविदा के समय के लिए किसी प्रकार की पेंशन संबंधी सुविधाएं भी इन्हें नहीं दी जाएंगी और न ही कोई बोनस दिया जाएगा।
विज्ञापन
संविदा पर तैनात चिकित्सा शिक्षकों को मेडिकल कॉलेज में आकस्मिक या आपदा सेवाओं के लिए हमेशा उपलब्ध रहना होगा। वे ओपीडी के दिन प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेंगे। प्राइवेट प्रैक्टिस करने की स्थिति में उन्हें अपनी जगह बतानी होगी। वे मरीजों को प्राइवेट में देखने के लिए मजूबर नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन