मायावती ने कहा- अच्छे दिनों की उम्मीद में गरीबों ने लंबा समय काटा, प्रबुद्ध वर्ग संगोष्ठी को जातीय सम्मेलन कहने पर आपत्ति
मायावती ने देशवासियों शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि देश की आजादी व उसके बाद मानवतावादी संविधान बना कर जो समतामूलक समाज बनाने में सभी की तरक्की का सपना देखा गया था वह अभी अधूरा है। इस पर सही सोच व समर्पण की जरूरत है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि देश के करोड़ों गरीबों, मजदूरों व शोषित पीड़ितों ने अपने थोड़े अच्छे दिनों की उम्मीद में ही बहुत समय व्यतीत किया है। यह बहुत चिंता की बात है। अब समय आ गया है कि सभी सरकारी कर्ताधर्ता उनका उद्धार करें। रविवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मायावती ने देशवासियों शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि देश की आजादी व उसके बाद मानवतावादी संविधान बना कर जो समतामूलक समाज बनाने में सभी की तरक्की का सपना देखा गया था वह अभी अधूरा है। इस पर सही सोच व समर्पण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों के जीवन में सुख, शांति, शिक्षा, समृद्धि व रोजगार संविधान का मूल है। इसके प्रति केंद्र व राज्य सरकारों को भी जनता के दुख दर्द को समझ कर उन्हें दूर करने के लिए इधर-उधर की बातें नहीं करनी चाहिए बल्कि उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से काम करना बेहद जरूरी है। पूरा देश आज आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।
इसके अलावा मायावती ने फिर ट्वीट कर बसपा के प्रबुद्ध वर्ग संगोष्ठी को कई दलों द्वारा जातीय सम्मेलन कहने पर आपत्ति जताई है। मायावती ने इसको लेकर दो ट्वीट किए हैं। बसपा की मुखिया मायावती ने इसको लेकर भाजपा पर हमला भी बोला है। बसपा प्रमुख मायावती ने इसको लेकर रविवार को दो ट्वीट भी किया है। मायावती ने कहा कि भाजपा का ट्विटर पर फर्क साफ है पोस्टर में बसपा पर बाढ़ग्रस्त लोगों की मदद के बजाय जातिवादी सम्मेलन करने में व्यस्त टिप्पणी घोर अनुचित व इनकी बौखलाहट व जातिवादी सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी का बाढ़ क्षेत्र का दौरा जनता पर एहसान नहीं बल्कि उनकी जिम्मेदारी है। वह सिर्फ दौरा कर रहे हैं जबकि राहत गायब है। बीएसपी के प्रबुद्ध वर्ग विचार संगोष्ठी की यूपी के जिलों-जिलों में अपार सफलता से बौखला कर पहले इसे रोकने का सरकारी प्रयास और अब इसे जातिवादी सम्मेलन कहना भाजपा की गलत सोच व समझ को ही प्रदर्शीत करता है, यह अति निंदनीय है।
1.देश व दुनिया के सभी भारतीयों को 75वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश की आज़ादी व उसके बाद मानवतावादी संविधान बनाकर जो यहाँ समतामूलक समाज बनाने व सभी की तरक्की आदि का अद्भुत सपना देखा गया था वह अभी भी अधूरा है जिसपर सही सोच व समर्पण की जरूरत।
विज्ञापन विज्ञापन— Mayawati (@Mayawati) August 15, 2021
2. देश के लोगों के जीवन में सुख-शान्ति, शिक्षा-समृद्धि, रोजगार व न्याय-युक्त जीवन आदि संविधान के मूल हैं, जिसके प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों को भी जनता के दुःख-दर्द को समझकर उन्हें दूर करने हेतु इधर-उधर की बातें न करके, उनपर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से काम करना जरूरी।
— Mayawati (@Mayawati) August 15, 2021
3. देश के करोड़ों गरीबों, मज़लूमों व शोषितों-पीड़ितों ने अपने थोड़े अच्छे दिनों की उम्मीद में बहुत लम्बा समय प्रतीक्षा में ही व्यतीत किए हैं, यह अति-चिन्तनीय। किन्तु अब समय आ गया है कि समस्त सरकारी कर्ताधर्ता देश व संविधान के प्रति सच्ची भावना से समर्पित हों व उनका उद्धार करें।
— Mayawati (@Mayawati) August 15, 2021
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