माया बर्थडे केक खिलाकर कार्यकर्ताओं की लेंगी क्लास
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आर्थिक सहयोग दिवस के रूप में मनने वाले बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन की अहमियत बसपा नेताओं के लिए इस बार कुछ ज्यादा बढ़ गई है।
पार्टी नेताओं को लग रहा है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जनवरी के अंत तक जारी हो सकती है। इसके प्रबंधन से जुड़ी सारी चीजों पर चर्चा के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता।
इसके लिए मायावती ने 16 दिसंबर को दिल्ली में अपने सांसदों, लोकसभा प्रत्याशियों, विधायकों, कोआर्डिनेटरों, प्रदेश प्रभारियों व वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है।
एक वरिष्ठ कोआर्डिनेटर बताते हैं कि यूपी में सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी ने अभी-अभी चार राज्यों का चुनाव लड़ा है। इसके तत्काल बाद लोकसभा चुनाव की चुनौती आ गई है।
तमाम ऐसे प्रत्याशी हैं जो पार्टी से सहयोग पाए बिना ठीक से चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में पार्टी की आर्थिक स्थिति पर गौर करना भी जरूरी है।
वह बताते हैं, पार्टी संस्थापक कांशीराम के समय से ही 15 जनवरी को पड़ने वाले मायावती के जन्मदिन को आर्थिक सहयोग दिवस के रूप में मनाने की परंपरा रही है। पार्टी के समर्थ सांसद, विधायक व नेता इसमें सहयोग करते हैं।
अब जबकि चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव की अधिसूचना कभी भी जारी करने की स्थिति में आ गया है, पार्टी सुप्रीमो का जन्मदिन चुनाव के ठीक पहले पड़ रहा है।
ऐसे में इस बैठक में न सिर्फ चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी बल्कि पार्टी अध्यक्ष के जन्मदिन को किस तरह यादगार ढंग से मनाया जाए, इस पर भी दिशानिर्देश मिल सकता है।
बसपा ने पिछले दिनों यहां बैठक में जिला स्तर पर मायावती का जन्मदिन मनाने का फैसला किया था।
गैर आधिकारिक तौर पर बैठक में उपस्थित नेताओं ने माना था कि सांसदों व लोकसभा प्रत्याशियों से पांच-पांच लाख व विधायकों तथा विधानसभा प्रभारियों से दो-दो लाख रुपये सहयोग के तौर पर देने को कहा गया है।
उस बैठक में मायावती नहीं आ पाई थीं। समझा जाता है कि दिल्ली बैठक में मायावती चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेंगी। वह चुनाव प्रबंधन पर चर्चा के साथ इस संबंध में भी निर्देश दे सकती हैं।