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सिटी डवलपमेंट प्लान से अगले 30 साल के लिए विकसित होगी राजधानी
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राजधानी का सर्वांगीण विकास कर शहर को अगले 30 साल की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए एलडीए एक सिटी डवलपमेंट प्लान (सीडीपी) तैयार करेगा।
प्लान बनाने की अनुमति के लिए एलडीए बोर्ड में प्रस्ताव रखा जाएगा। अभी तक की योजना के मुताबिक इस सीडीपी पर काम शासन से मिले बजट व अवस्थापना सुविधाओं के फंड से होगा।
एलडीए के मुख्य नगर नियोजक नितिन मित्तल ने बताया कि राजधानी के विकास के लिए क्या प्रोजेक्ट जरूरी हैं, उनके लिए किस तरह काम करने की जरूरत है।
अभी मौजूदा संसाधन और अवस्थापना ढांचा क्या है, आने वाले 30 साल के लिए शहर की क्या जरूरतें होंगी, इसका आकलन विशेषज्ञों की मदद से किया जाना है।
विशेषज्ञ संस्था ही सीडीपी तैयार करेगी जिस पर काम शुरू कराए जा सकें। इसे लेकर एक प्रस्ताव एलडीए बोर्ड में भी रखा जा रहा है। यहां से अनुमति मिलते ही एलडीए सीडीपी बनाने का काम शुरू कर देगा।
वीसी के निर्देश पर आरएफपी तैयार हुई
सीडीपी बनाने में देरी न हो इसके लिए एलडीए ने विशेषज्ञ संस्था के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के लिए आरएफपी डॉक्यूमेंट तैयार कर लिए हैं। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही तुरंत एलडीए विशेषज्ञ संस्था के चयन और सीडीपी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। करीब 50 लाख रुपये इस काम पर एलडीए को खर्च करना है।
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अयोध्या की तर्ज पर बननी है योजना
शासन की मंशा है कि अयोध्या के लिए जिस तरह से विकास का एक सर्वांगीण प्लान तैयार हुआ है, उसी तरह लखनऊ के लिए भी एक सीडीपी होनी चाहिए। इससे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शहर का विकास हो सकेगा। इससे लोगों को भी आने वाले सालों में सहूलियत होगी। सीडीपी शहर के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट की तरह काम करेगा।
इन कामों को मिलेगी प्राथमिकता
सड़क नेटवर्क, ओपन एरिया जैसे पार्क, मार्केट क्षेत्रों का विकास, पार्किंग क्षमता, औद्योगिक क्षेत्र, नई आवासीय परियोजनाएं।
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प्लान बनाने की अनुमति के लिए एलडीए बोर्ड में प्रस्ताव रखा जाएगा। अभी तक की योजना के मुताबिक इस सीडीपी पर काम शासन से मिले बजट व अवस्थापना सुविधाओं के फंड से होगा।
एलडीए के मुख्य नगर नियोजक नितिन मित्तल ने बताया कि राजधानी के विकास के लिए क्या प्रोजेक्ट जरूरी हैं, उनके लिए किस तरह काम करने की जरूरत है।
अभी मौजूदा संसाधन और अवस्थापना ढांचा क्या है, आने वाले 30 साल के लिए शहर की क्या जरूरतें होंगी, इसका आकलन विशेषज्ञों की मदद से किया जाना है।
विशेषज्ञ संस्था ही सीडीपी तैयार करेगी जिस पर काम शुरू कराए जा सकें। इसे लेकर एक प्रस्ताव एलडीए बोर्ड में भी रखा जा रहा है। यहां से अनुमति मिलते ही एलडीए सीडीपी बनाने का काम शुरू कर देगा।
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वीसी के निर्देश पर आरएफपी तैयार हुई
सीडीपी बनाने में देरी न हो इसके लिए एलडीए ने विशेषज्ञ संस्था के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के लिए आरएफपी डॉक्यूमेंट तैयार कर लिए हैं। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही तुरंत एलडीए विशेषज्ञ संस्था के चयन और सीडीपी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। करीब 50 लाख रुपये इस काम पर एलडीए को खर्च करना है।
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अयोध्या की तर्ज पर बननी है योजना
शासन की मंशा है कि अयोध्या के लिए जिस तरह से विकास का एक सर्वांगीण प्लान तैयार हुआ है, उसी तरह लखनऊ के लिए भी एक सीडीपी होनी चाहिए। इससे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शहर का विकास हो सकेगा। इससे लोगों को भी आने वाले सालों में सहूलियत होगी। सीडीपी शहर के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट की तरह काम करेगा।
इन कामों को मिलेगी प्राथमिकता
सड़क नेटवर्क, ओपन एरिया जैसे पार्क, मार्केट क्षेत्रों का विकास, पार्किंग क्षमता, औद्योगिक क्षेत्र, नई आवासीय परियोजनाएं।