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लखनऊ : जितेन्द्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की शिया वक्फ बोर्ड की सदस्यता खत्म, शिया वक्फ बोर्ड मुतवल्ली पद से पहले ही कर चुका है बर्खास्त
Thu, 16 Jun 2022 12:17 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 16 Jun 2022 12:17 AM IST
सार
रिमूवल की कार्यवाही से पहले ही जितेन्द्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने मंगलवार को बोर्ड की सदस्यता और वक्फ संपत्तियों मुतवल्ली पद से इस्तीफा दे दिया।
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वसीम रिजवी
- फोटो : Social media
विस्तार
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की सदस्यता से भी जितेन्द्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को हटा दिया गया है। वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाने के बाद शिया वक्फ बोर्ड उन्हें वक्फ संपित्तयों के मुतवल्ली पद से पहले ही बर्खास्त कर चुका है। बोर्ड की शिकायत के बाद राज्यपाल ने उनकी बोर्ड की सदस्यता भी रदद कर दी है।
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रिमूवल की कार्यवाही से पहले ही जितेन्द्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने मंगलवार को बोर्ड की सदस्यता और वक्फ संपत्तियों मुतवल्ली पद से इस्तीफा दे दिया। बोर्ड के चेयरमैन ने सर्वसम्मति से इस्तीफे की कॉपी आगे की कार्यवाही के लिये शासन को भेज दी।
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उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के करीब 15 साल तक चेयरमैन रहे धर्म परिवर्तन से पहले वसीम रिजवी वर्तमान में जितेन्द्र नारायण त्यागी इस बार भी 21 वोट हासिल कर मुतवल्ली कोटे से वक्फ बोर्ड के सदस्य निर्वाचित हुये थे। हालांकि भारी विरोध के चलते वसीम रिजवी बोर्ड के चेयरमैन का चुनाव नही लड़े। नवगठित वक्फ बोर्ड ने भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर जांच शुरू जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। इसी दौरान वसीम रिजवी ने अपना धर्म परिवर्तन करने का एलान कर दिया। इसके बाद वक्फ बोर्ड में उनकी सदस्यता को लेकर सवाल भी उठने शुरू हो गये।
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धर्म परिवर्तन कर जितेन्द्र नारायण सिंह त्यागी बन चुके वसीम रिजवी ने बोर्ड की कार्यवाही से पहले ही शिया वक्फ बोर्ड की बैठक में पहुंच कर सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। वो वक्फ शिया यतीमखाना, कर्बला मलका जहां और वक्फ मियां दराब के मुवत्वल्ली होने के साथ ही शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य भी थे। हालांकि बोर्ड ने उनके इस्तीफे को स्वीकार्य करने के बजाए। बोर्ड ने उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में दोषी मानते हुये उनको मुतवल्ली पद से बर्खास्त कर दिया और उनकी सदस्यता को समाप्त करने के लिये शासन को पत्र भेज दिया।
मंगलवार देर शाम अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के विशेष सचिव डीएस उपाध्याय ने वसीम रिजवी की वक्फ बोर्ड की सदस्यता रदद होने की अधिसूचना जारी की। इसमें कहा गया कि वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 16 के खण्ड (ड) के उपखण्ड (एक) के उपबंध के अनुसार वक्फ बोर्ड के सदस्य के रूप में अनर्ह हो गये हैं, लिहाजा वक्फ अधिनियम के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल ने उनकी सदस्यता को समाप्त कर दिया है।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बताया कि वसीम रिजवी को भ्रष्टाचार की जांच में दोषी पाए जाने के बाद वक्फ संपत्तियों के मुतवल्ली पद से बर्खास्त किया जा चुका है। ऐसे में उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिये शासन को बोर्ड ने पत्र भेजा था। भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में उनकी जांच चल रही है, ऐसे में शासन ने उनकी सदस्यता को रदद कर दिया है।