फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   LUCKNOW NEWS

Lucknow News: लेसा की 2जी रफ्तार से फंस रहे 90 हजार के बिल

Mon, 11 Sep 2023 01:50 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Sep 2023 01:50 AM IST
विज्ञापन
LUCKNOW NEWS

विज्ञापन
नरेश शर्मा



लखनऊ। 5जी के जमाने में लेसा की 2जी की रफ्तार से अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स के 90 हजार उपभोक्ताओं के बिजली बिल आए दिन फंस रहे हैं। नेटवर्क कमजोर होने की वजह से मीटर की रीडिंग केंद्रीकृत सिस्टम में दर्ज नहीं हो पा रही है। वहीं स्मार्ट प्रीपेड मीटर ऑनलाइन रीचार्ज नहीं हो पा रहे हैं।



यूपी पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन का बिजली अभियंताओं पर दबाव है कि हर माह शत प्रतिशत उपभोक्ताओं के बिल बनाए जाएं और उसकी वसूली हो। 2 जी नेटवर्क की समस्या तो है ही, वहीं अपार्टमेंट या कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में स्मार्ट मीटर, स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा दिए जाने से नेटवर्क की समस्या और बढ़ गई। इससे इनमें रहने वाले ज्यादातर उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर की रीडिंग केंद्रीकृत सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाती। इससे उनके बिल नहीं बन पा रहे हैं। अभियंताओं को ऐसे उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग मैनुअल लेने के लिए कवायद करनी पड़ती है।
विज्ञापन


जानिए कैसे ऑटोमेटिक बनता है आपका बिल

आप जितनी बिजली उपभोग करते हैं आपका स्मार्ट मीटर उसे मोडम के जरिये रोजाना केंद्रीकृत सिस्टम को भेज देता है। केंद्रीकृत सिस्टम में दर्ज हुई रीडिंग से आपका बिल ऑटोमेटिक जनरेट हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर जगह नहीं मिलता 2जी का नेटवर्क

कमजोर नेटवर्क के सवाल पर एसडीओ और जेई बताते हैं, चाहे स्मार्ट मीटर हो या फिर स्मार्ट प्रीपेड, सबमें एक निजी मोबाइल फोन सेवा प्रदाता कंपनी के टूजी सिम लगे हैं। 2जी का नेटवर्क हर जगह नहीं मिलता। समस्या की बड़ी वजह यही है। वहीं, बेसमेंट में मीटर लगे होने की वजह से या तो इंटरनेट नेटवर्क काम नहीं करता या बेहद कमजोर रहता है।



मुश्किलें और भी हैं... कूपन खरीद कर लाइए तब रीचार्ज होता है स्मार्ट प्रीपेड मीटर

इंटरनेट नेटवर्क कमजोर होने की वजह से अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स के स्मार्ट प्रीपेड मीटर के ज्यादातर उपभोक्ता उसको ऑनलाइन रीचार्ज नहीं करा पाते। मजबूरी में उनको तय केंद्र से कूपन खरीद कर लाना पड़ता है। इसके बाद मीटर में उसे मैनुअल फीड करना पड़ता है। वृंदावन स्थित एक अपार्टमेंट के उपभोक्ता बताते हैं कि जिनके भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर बेसमेंट में लगे हैं, उनको हर महीने रीचार्ज कराने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं।



सिस्टम अपग्रेड नहीं होने का खामियाजा भी भुगत रहे लोग

वहीं पिछले तीन महीने से उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बिल जनरेट होने का मैसेज नहीं पहुंच पा रहा है। बताया जा रहा है कि एचसीएल सिस्टम का डाटा नए सिस्टम पर इंटीग्रेट नहीं हो पाने की वजह से यह समस्या आ रही है। पर, मैसेज नहीं पहुंचने की वजह से बिल नहीं जमा होने पर कनेक्शन कट जाता है। ठाकुरगंज के एक उपभोक्ता बताते हैं कि उनका जुलाई में ऑटोमेटिक बिल बन गया, पर मैसेज नहीं आया। दूसरे महीने बिल बनने की राह देख ही रहे थे कि अचानक एक दिन बिजली गुल हो गई। कई घंटे जब बिजली नहीं आई तो उपकेंद्र पर सूचना दी। पता चला कि 1500 रुपये के बकाये पर कनेक्शन काट दिया गया।



हर जगह एक जैसा हाल

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के उपाध्यक्ष विवेक शर्मा ने बताया कि कुर्सी रोड स्थित एलडीए के अपार्टमेंट-सृष्टि, जनेश्वर, स्मृति, सरगम में बिजली मीटर बेसमेंट में लगे हैं। इनमें स्मार्ट मीटर एवं स्मार्ट प्रीपेड मीटर शामिल हैं। पर, बिल नहीं बनने और रीचार्ज होने में दिक्कत की वजह से सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


नेटवर्क दुरुस्त कराया जा रहा है

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेश वाणिज्य योगेश कुमार का कहना है कि स्मार्ट मीटरों में इंटरनेट नेटवर्क समस्या के कारण ऑटाेमेटिक बिल जनरेट होने में दिक्कत आ रही है। यूपी पावर कॉर्पोरेशन की आईटी विंग इसे दुरुस्त करने में लगी है। जल्द ही समस्या का निराकरण होगा।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed