Lucknow Murders: साथ में स्टेशन गए बाप-बेटे...लौटे अलग-अलग, कई जगह CCTV में कैद; पुलिस को यूं चकमा दे गया बदर
पत्नी और चार बेटियों के हत्यारोपियों के बारे में नया खुलासा हुआ है। बाप-बेटे साथ में चारबाग स्टेशन गए थे। वहां से लौटे अलग-अलग थे। आरोपी पिता बदर कई इलाकों में CCTV कैमरों में कैद हुआ। लेकिन फिर भी पुलिस को चकमा दे गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पत्नी और चार बेटियों के हत्यारोपी बदर की लोकेशन कानपुर में मिली है। बदर कानपुर के अलग-अलग इलाकों में सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। आरोपी की तलाश में लखनऊ पुलिस कानपुर में दबिश दे रही है। हालांकि शुक्रवार देर शाम तक बदर का कोई सुराग नहीं लग सका।
एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह के मुताबिक पुलिस की एक टीम आगरा भेजी गई है। आगरा में बदर के संभावित लोकेशन के अलावा अन्य बिंदुओं पर छानबीन की जाएगी। बताया जा रहा कि अलग-अलग टीमें अजमेर, बदायूं और संभल में भी डेरा डाले हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी के बदायूं जाने की संभावना के मद्देनजर बदर के परिजनों से पूछताछ भी की गई है। सभी करीबियों के फोन नंबर सर्विलांस पर लिए गए हैं।
सभी जिलों को अलर्ट, भेजी गई बदर की तस्वीर
बदर को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश में पुलिस को अलर्ट किया गया है। सभी से बदर की तस्वीर साझा की गई है। पुलिस मुखबिर तंत्र से आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। जिस जिले में भी बदर के हुलिए के व्यक्ति के देखे जाने की सूचना मिल रही है, वहां की पुलिस अलर्ट हो जा रही है। पुलिस के पास भी लगातार सूचनाएं मिल रही हैं।
साथ में स्टेशन गए बाप-बेटे, अलग-अलग लौटे
पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि सामूहिक हत्याकांड के बाद अरशद और बदर एक साथ चारबाग स्टेशन पहुंचे थे। बदर को स्टेशन के पास छोड़ने के बाद रिक्शा से अरशद निकला था। कुछ देर बाद बदर भी अकेले परिसर से बाहर निकल गया। अरशद ने पुलिस चौकी जाकर सरेंडर कर दिया, जबकि बदर को एक कैमरे में बाहर निकलते देखा गया। हालांकि उसके बाद वह चारबाग के आसपास किसी कैमरे में नहीं कैद हुआ था।
ये है मामला
आगरा निवासी अरशद अपने पिता, मां और चार बहनों के साथ 30 दिसंबर को लखनऊ आया था। सभी चारबाग स्थित होटल में ठहरे थे। 31 दिसंबर की रात में पिता के साथ मिलकर अरशद ने चार बहनों और मां की हत्या कर दी थी। आरोपी ने हत्या के बाद वीडियो भी बनाया था और बस्ती के लोगों पर परेशान करने समेत कई आरोप लगाए थे। घटना के बाद अरशद का पिता भाग निकला था।