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यूपी: डेंगू के डर के बीच मलेरिया की बढ़ी मार, लखनऊ मंडल में इस साल अब तक इस बीमारी के 1,084 मामले

Thu, 27 Aug 2026 09:46 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 27 Aug 2026 09:46 AM IST
सार

24 अगस्त तक लखनऊ मंडल के छह जिलों में मलेरिया के 1,084 और डेंगू के 135 मरीज सामने आए हैं। डॉक्टर लोगों से बुखार को नजरअंदाज न करने के लिए कह रहे हैं। वहीं, शहरों में डेंगू तो गांवों में मलेरिया के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं।

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Lucknow : Malaria cases surge amidst dengue scare... 1,084 cases of malaria and 135 cases of dengue
लखनऊ में डेंगू-मलेरिया का प्रकोप। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ मौसमी बुखार का खतरा बढ़ने के बीच लखनऊ मंडल में मच्छरजनित बीमारियों की अलग तस्वीर आई है। मंडल में डेंगू के मुकाबले मलेरिया के करीब आठ गुना मरीज मिले हैं। सीतापुर मलेरिया के मामलों में सबसे आगे है, वहीं लखनऊ डेंगू के मामलों शीर्ष पर है।

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आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 24 अगस्त तक लखनऊ मंडल के छह जिलों में मलेरिया के 1,084 और डेंगू के 135 मरीज सामने आए हैं। हालांकि, राहत की बात ये है कि इन दोनों बीमारियों से किसी मौत की सूचना नहीं है। मौसमी और वायरल बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
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मंडल के 73 फीसदी डेंगू मरीज अकेले लखनऊ में
डेंगू के मामले मलेरिया से बिल्कुल अलग पैटर्न दिखा रहे हैं। मंडल के 135 मरीजों में 98 अकेले लखनऊ के हैं। यानी करीब 73 प्रतिशत डेंगू मरीज राजधानी में मिले हैं। लखीमपुर खीरी और उन्नाव में 10-10, सीतापुर में नौ, हरदोई में छह और रायबरेली में दो मरीज मिले हैं।

आधे से ज्यादा मलेरिया मरीज सीतापुर में
मंडल के 1,084 मलेरिया मरीजों में अकेले 563 सीतापुर के हैं। यानी हर दो मलेरिया मरीजों में एक से ज्यादा सीतापुर का है। इसके बाद हरदोई में 219 और लखनऊ में 212 मरीज मिले हैं। लखीमपुर खीरी में 75, उन्नाव में 14 और रायबरेली में सिर्फ एक मरीज मिला है।

इसलिए शहर में ज्यादा मिलते हैं डेंगू के केस
डेंगू को आमतौर पर शहरी बीमारी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे फैलाने वाला एडीज मच्छर घरों और आसपास रखे छोटे-छोटे पानी के बर्तनों, कूलर, टायर, गमले और टंकियों में पनपता है। यह माहौल शहरों में ज्यादा मिलता है। शहरों में आबादी घनी होने और साफ पानी जमा करने वाले ऐसे स्थान ज्यादा होने से एडीज की ब्रीडिंग ज्यादा होती है और इसका फैलाव तेजी से होता है। वहीं, मलेरिया फैलाने वाला एनाफिलीज मच्छर अक्सर खेतों, तालाबों के किनारे, बारिश के बाद बने गड्ढों, सिंचाई नालियों और ठहरे पानी में पनपता है। ये जगहें ग्रामीण इलाकों में अधिक मिलती हैं, इसलिए वहां मलेरिया के मामले अपेक्षाकृत ज्यादा देखे जाते हैं। हालांकि, मलेरिया और डेंगू दोनों ही शहर और गांव, दोनों जगह हो सकते हैं।
 
मंडल में मलेरिया-डेंगू की स्थिति
जिला मलेरिया डेंगू कुल मरीज
सीतापुर 563 9 572
हरदोई 219 6 225
लखनऊ 212 98 310
खीरी 75 10 85
उन्नाव  14 10 24
रायबरेली 1 2 3
 
लखनऊ जिले में पिछले तीन साल का आंकड़ा
वर्ष डेंगू मलेरिया
2024 3,244 492
2025 930 676
2026 98 212
नोट: आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की मंडलीय रिपोर्ट से और 2026 के आंकड़े 24 अगस्त तक के हैं।



 

एक ही मंडल में दो अलग तस्वीरें... निगरानी बेहद जरूरी

आंकड़ों की सबसे अहम बात यह है कि सीतापुर में मलेरिया का बड़ा प्रसार है, जबकि लखनऊ जिले में डेंगू के मामले ज्यादा हैं। राजधानी में 212 मलेरिया मरीजों के मुकाबले 98 डेंगू मरीज मिले हैं। वहीं, सीतापुर में 563 मलेरिया के मुकाबले डेंगू के सिर्फ नौ मामले हैं। इससे साफ है कि मच्छरजनित बीमारियों का असर पूरे मंडल में एक जैसा नहीं है और जिलेवार निगरानी जरूरी है।

बारिश में बुखार को न करें नजरअंदाज, कराएं जांच
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान का कहना है कि बारिश और उमस में घरों, छतों, कूलर, गमलों और खाली प्लॉटों में जमा पानी मच्छरों के पनपने की वजह बनता है। ऐसे मौसम में हर बुखार को सामान्य वायरल समझकर खुद से दवा लेना ठीक नहीं है। तेज बुखार के साथ सिरदर्द, बदन या पेट दर्द, बार-बार उल्टी, खून आना या बहुत ज्यादा कमजोरी हो तो फौरन जांच करानी चाहिए।

शहरों में डेंगू तो गांवों में मलेरिया के मामले ज्यादा
लखनऊ के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव का कहना है कि डेंगू आमतौर पर शहरों में ज्यादा फैलता है, जबकि मलेरिया के मामले ग्रामीण इलाकों में अधिक मिलते हैं। राजधानी होने के कारण आसपास के जिलों से इलाज के लिए आने वाले डेंगू मरीज भी लखनऊ के आंकड़ों में जुड़ते हैं। यहां सरकारी और निजी क्षेत्र की 26 लैब में एलाइजा जांच की सुविधा है। बेहतर निगरानी और जांच के कारण भी लखनऊ में डेंगू के मामले दूसरे जिलों की तुलना में ज्यादा सामने आते हैं।

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