फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Hospital manager treated the child after consulting the doctor, he died

Lucknow: अस्पताल मैनेजर ने डॉक्टर से पूछकर किया बच्चे का इलाज, मौत, केजीमएमयू में खाली नहीं था बेड

Wed, 23 Jul 2025 10:49 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 23 Jul 2025 10:49 AM IST
सार

लखनऊ के एक निजी अस्पताल में तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां पर डॉक्टर से फोन पर पूछकर स्टाफ इलाज कर रहा था।

विज्ञापन
Lucknow: Hospital manager treated the child after consulting the doctor, he died
हर्षित की मौत के बाद रोती उसकी मां। - फोटो : amar ujala

विस्तार

पुरनिया बंधा रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल में मंगलवार सुबह तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने स्टाफ पर डॉक्टर बनकर इलाज करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। आरोप है कि अस्पताल का मैनेजर डॉक्टर से फोन पर दवा पूछकर बच्चे का इलाज कर रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया।

विज्ञापन


सीतापुर के मछरेहटा निवासी इंद्र प्रकाश के बेटे हर्षित (3) को आंत से जुड़ी समस्या थी। परिजन उसे पहले नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टर ने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। सोमवार रात वह बच्चे को ट्रॉमा ले गए, मगर काफी देर इंतजार के बाद भी बेड नहीं मिला। आरोप है कि एक दलाल ने बेहतर इलाज का झांसा देकर बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - 'क्यों खड़े हो...', सिर्फ इतना ही पूछने पर होटल कर्मी की हत्या; प्रॉपर्टी डीलर ने महिला दोस्त संग मार डाला
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: सरकारी कर्मचारियों को 25 लाख का लोन, महिलाओं को स्टांप में बड़ी छूट; पढ़िए योगी कैबिनेट के बड़े फैसले


चाचा सुमित का आरोप है कि पूरी रात अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। मैनेजर व दूसरे स्टाफ डॉक्टर से फोन पर दवा पूछकर इलाज करते रहे। बच्चे की हालत बिगड़ती गई। सुबह करीब छह बजे परिजनों को बच्चे की मौत की जानकारी दी गई। नाराज परिजनों ने हंगामा कर दिया। सीएमओ से शिकायत की बात कही। सीएमओ डॉ. एनवी सिंह का कहना है कि अस्पताल की वीडियो फुटेज के साथ इलाज का रिकॉर्ड तलब किया जाएगा।

अस्पताल संचालक डॉ. हारून का कहना है कि परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। । इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। रात के वक्त डॉक्टर ने बच्चे को देखा था। परिजनों को बच्चे को हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा गया था, मगर वह नहीं ले गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed