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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Loan of Rs 25 lakh to government employees, big discount in stamp duty to women; Read the major decisions

यूपी: सरकारी कर्मचारियों को 25 लाख का लोन, महिलाओं को स्टांप में बड़ी छूट; पढ़िए योगी कैबिनेट के बड़े फैसले

Wed, 23 Jul 2025 05:36 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 23 Jul 2025 05:36 AM IST
सार

UP Cabinet Decisions: यूपी कैबिनेट की अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास हुए। इसमें महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट देने के साथ सरकारी कर्मचारियों को लोन देने के फैसले शामिल हैं। 

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UP: Loan of Rs 25 lakh to government employees, big discount in stamp duty to women; Read the major decisions
योगी कैबिनेट के फैसले। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों को भवन की मरम्मत व निर्माण के लिए मिलने वाली अग्रिम राशि को तीन गुना से ज्यादा बढ़ा दिया गया है। ब्याज दरों को भी बाजार दर से लिंक कर दिया गया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि कार्मिकों को भवन निर्माण, खरीदने, मरम्मत और विस्तार के लिए एडवांस का प्रावधान है। पहले ये राशि अधिकतम 7 लाख रुपये थी और फिक्स ब्याज 9.1 फीसदी था। इसमें वर्ष 2010 से संशोधन नहीं किया गया था। तब ब्याज दरें 11-12 फीसदी होती थीं। आज होम लोन पर ब्याज 7 से 8 फीसदी है। इससे 7 लाख रुपये लेने वालों की संख्या बहुत कम थी। कैबिनेट अनुमोदन के बाद अब अग्रिम राशि 7 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। मार्केट रेट से ब्याज लिंक करने से 7 से 8 फीसदी पर रकम मिल सकेगी।

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स्टांप ड्यूटी में छूट
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ रुपये तक मूल्य की संपत्ति (जैसे मकान, जमीन आदि) यदि किसी महिला के नाम खरीदी जाती है, तो उस पर स्टाम्प शुल्क में 1% की छूट मिलेगी। अब तक राज्य में यह छूट केवल 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर ही लागू थी, जिसमें अधिकतम 10 हजार रुपये तक की छूट मिलती थी। लेकिन अब सरकार ने इस छूट को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर लागू कर दिया है, जिससे महिलाओं को अधिक लाभ मिलेगा। मंगलवार शाम लोकभावन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में कुल 37 मद पारित किए गए। इसमें 11 अगस्त से विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत का भी निर्णय लिया गया।

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पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज, कूड़ा प्रबंधन के निशुल्क दी जाएगी ग्राम समाज की भूमि

शहरी लोगों को पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नगरीय परिवहन जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शहरों के आसपास स्थित ग्राम समाज की भूमि मुफ्त में दी जाएगी। इसके लिए नगर विकास विभाग को सेवारत विभाग का दर्जा देने का फैसला किया गया है। इसके आधार पर पांच साल तक ऐसी भूमि को मुफ्त में दिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया।

प्रदेश की कुल जनसंख्या की लगभग एक चौथाई आबादी शहरों में रहती है। प्रदेश में मौजूदा समय 762 निकाय हैं। इनमें 17 नगर निगम, 200 पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें हैं। नगर विकास विभाग द्वारा संचालिक पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन और नगरीय परिवहन के लिए पांच साल तक मुफ्त भूमि देने का आदेश राजस्व विभाग द्वारा 17 जून 2011 को जारी किया गया था, जो जून 2016 में समाप्त हो गया है। इसी तरह जो आदेश सात मार्च 2019 को इस संबंध में जारी आदेश मार्च 2024 में समाप्त हो गया है।

इसके चलते स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना में केंद्र सरकार से स्वीकृत कार्यों को पूरा कराने में कठिनाई आ रही थी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सेनेट्री लैंडफिल साइट का विकास किया जाना, पेयजल परियोजनाओं के लिए ओवरहेड टैंक बनाने, टयूबवेल लगाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए भूमि की जरूरत है। ग्राम समाज की भूमि मुफ्त न मिलने की वजह से विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इसीलिए नगर विकास विभाग को सेवारत विभाग मानते हुए पांच साल तक इन योजनाओं के लिए ग्राम समाज की भूमि मुफ्त में देने का फैसला कैबिनेट द्वारा किया गया है।

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15 किमी लंबे चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी

धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र चित्रकूट को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15.172 किलोमीटर लंबे चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जाएगा। एक्सप्रेसवे बनाने पर 939.67 करोड़ खर्च होंगे। इसे 548 दिनों में बना दिया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। लिंक एक्सप्रेसवे से चित्रकूट में पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेंगा। कैबिनेट बैठक के बाद औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि चार लेन का लिंक एक्सप्रेसवे वाराणसी-बांदा मार्ग के किमी 267 पर चित्रकूट के भरतकूप के पास शुरु होकर राष्ट्रीय मार्ग 135 बीजी पर चित्रकूट के ग्राम अहमदगंज में समाप्त होगा।

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अब जेम पोर्टल से भी नीलाम होंगे पुराने वाहन

सरकारी विभागों के 15 वर्ष पुराने बेकार वाहनों की नीलामी अब जेम पोर्टल से भी होगी। परिवहन विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई। दरअसल, अप्रैल 2023 से 15 साल पूरे कर चुके सरकारी वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी गई है। इन वाहनों का नीलाम किया जाता है। नीलामी के लिए जेम पोर्टल को भी शामिल किया गया है। एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने बहराइच में बने एएनएम प्रशिक्षण केंद्र भवन एवं चार अन्य पुराने भवन को ध्वस्त कर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का नया भवन बनाने को मंजूरी दी है। वहीं, उप्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लखनऊ को वर्ष 2025-26 में नाबार्ड से 600 करोड़ की सीमा तक ऋण लेने की अनुमति और इस ऋण के साथ ही अन्य ऋणों के लिए शासकीय गारंटी की सीमा बढ़ाकर 1500 करोड़ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

लखनऊ में बनेगा डीआरडीओ का डिटेक्शन टेक्नोलॉजी केंद्र, 1 रुपये में मिलेगी 10 हेक्टेयर जमीन

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में सरोजनीनगर तहसील के भटगांव में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से संबद्ध आईआर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी केंद्र की स्थापना होगी। इस परियोजना के लिए डीआरडीओ से संबद्ध यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आईआरडीई) को एक रुपए वार्षिक लीज रेंट पर 10 हेक्टेयर भूमि दी जाएगी। मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस केंद्र की स्थापना पर 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह डीआरडीओ की मदद से स्थापित होगा। यहां सेमीकंडक्टर आईआर (इंफ्रा रेड) डिटेक्टरों का निर्माण किया जाएगा जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर डीआरडीओ ने प्रयोगशाला की स्थापना के लिए राज्य सरकार से भूमि की मांग की थी।

इस प्रयोगशाला में सेमीकंडक्टर आइआर डिटेक्टरों का निर्माण किया जाएगा। ब्रह्मोस मिसाइल सहित कई रक्षा उपकरणों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। वर्तमान में भारत विदेश से आइआर डिटेक्टरों की 5,000 से अधिक यूनिट आयात करता है। आइआर डिटेक्शन टेक्नालाजी केंद्र की स्थापना के बाद आइआर डिटेक्टरों की 1,000 यूनिट का निर्माण प्रतिवर्ष किया जाएगा। भविष्य में इसका विस्तार कर 10,000 यूनिट निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

आइआर डिटेक्शन टेक्नालाजी केंद्र में थर्मल इमेजिंग सिस्टम और मल्टीसेंसर सर्विलांस सिस्टम को भी रक्षा उपकरण के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी स्थापना से 150 इंजीनियरों व 500 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

पीसीएस-जे पाठ्यक्रम में शामिल हो सकेंगे कानून में किए गए संशोधन

कैबिनेट ने पीसीएस-जे की भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम में भारतीय कानूनों से संबंधित संशोधन शामिल करने के लिए उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली, 2001 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब अगर सरकार अधिनियमों में संशोधन करती है, तो उन संशोधनों को पीसीएस-जे परीक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकेगा। अभी संशोधन होने पर उसे पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए हर बार कैबिनेट में प्रस्ताव लाना पड़ता था।

पुलिस बल के लिए खरीदे जाएंगे 458 वाहन

कैबिनेट ने अयोध्या में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के ओसीआर कॉम्प्लेक्स (कार्यालय एवं आवासीय परिसर) के निर्माण के लिए 1000 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराने के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अयोध्या में ही भ्रष्टाचार निवारण संगठन की मंडल स्तर पर इकाई एवं पुलिस थाना की स्थापना के लिए सदर तहसील के परगना अवध हवेली के मोहल्ला मुगलपुरा में 4067 वर्ग मीटर भूमि गृह विभाग को देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है। इसके अलावा पुलिस बल के लिए 458 वाहन खरीदने के गृह विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूर किया है। प्रस्ताव के मुताबिक जिलों में पुलिस के 394 खराब वाहनों की जगह नए वाहनों को चरणबद्ध तरीके से खरीदा जाएगा। ऐसे ही पीएसी के 64 बेकार वाहनों की जगह नए वाहनों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।

पुरानी पेंशन योजना से छूटे कर्मचारियों को एक और अवसर

पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने से छूट गए कर्मचारियों को एक और अवसर दिया गया है। नेशनल पेंशन स्कीम से आच्छादित राज्य सरकार के ऐसे सरकारी कर्मचारी, जिनका चयन प्रदेश में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू करने की अधिसूचना जारी होने से पहले हो गया था. उन्हें इसका लाभ मिलेगा। यानी 28 मार्च 2005 से पहले के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा। हालांकि पहले ही अधिकांश कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले लिया है लेकिन जो कर्मचारी किसी वजह से इससे छूट गए थे, उन्हें 30 नवंबर तक एक और अवसर दिया गया है। छूटे हुए कर्मचारियों की संख्या 2000 से भी कम है।

कैबिनेट ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के संबंध में निर्धारित कट ऑफ तारीख को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। राष्ट्रीय पेंशन योजना वर्ष 2004 में बनी थी। भारत सरकार की इस नीति को राज्य में हूबहू लागू कर दिया गया था। इसके तहत 31 मार्च 2004 से पहले की तारीख तय की गई थी। चूंकि इसका नोटिफिकेशन 28 मार्च 2005 को आया था इसलिए राज्य में इसे एक अप्रैल 2005 से लागू किया गया था। इसमें कुछ कर्मचारी छूट गए थे। उन्हें सरकार ने एक मौका दिया है।

हजरतगंज में अग्निशमन स्टेशन को दी जाएगी नजूल भूमि

राजधानी के हजरतगंज 3404 वर्ग मीटर नजूल भूमि का स्वामित्व अब अग्निशमन स्टेशन को दे दिया गया है। इस भूमि का नामांतरण औव हस्तानांतरण गृह विभाग को करने को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा सरकार ने अयोध्या में सरयू नदी जलापूर्ति स्रोत से वाटर ट्रीटमेंट फेज-1 योजना के तहत चिह्नित भूमि को भी नगर विकास विभाग को निशुल्क दिए जाने का फैसला किया है। वहीं कैबिनेट ने हमीरपुर में केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र/ वन स्टाप सेंटर' का भवन बनाने के लिए महिला कल्याण विभागह को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।


 
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