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लखनऊ हिट एंड रन: 150 की स्पीड से दौड़ाई एसयूवी, टक्कर लगते ही 15 फीट उछला... फिर बोनट पर गिरा मासूम नामिश
Wed, 22 Nov 2023 10:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Nov 2023 10:06 AM IST
सार
Lucknow Hit And Run Case: लखनऊ में हिंट एंड रन का मामला सामने आया है। रईसजादों ने एएसपी मां के सामने इकलौते बेटे को एसयूवी से उड़ा दिया। हादसे में मासूम की मौत हो गई। मासूम स्केटिंग कर रहा था। रोकने के बजाय चालक वाहन लेकर भाग गया। हालांकि बाद में सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य का बेटा साथी संग गिरफ्तार कर लिया गया।
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Lucknow hit and run
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मासूम नामिश की जान लेने वाले रईसजादों पर रफ्तार का जुनून चढ़ा था। दोनों ने होड़ लगा रखी थी कि कौन सबसे तेज एसयूवी दौड़ाएगा। जब सार्थक सिंह एसयूवी चला रहा था तो रफ्तार 150 पार हो गई थी। मामूली से मोड़ पर एसयूवी बिल्कुल किनारे तक पहुंची और नामिश को चपेट में ले लिया। इस तरह रफ्तार का कहर नामिश की जान निगल गया।
हादसे को अंजाम देने वाले सार्थक और देवश्री एक ही मोहल्ले में रहते हैं। देवश्री के पिता सराफ हैं। डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि देवश्री के कानपुर निवासी चाचा अंशुल उसके घर आए हुए थे। उनकी ही एसयूवी लेकर देवश्री मंगलवार भोर करीब चार बजे घर से निकला था। साथ में सार्थक भी था।
इधर-उधर घूमने के बाद दोनों जी-20 तिराहे पर पहुंचे थे। दोनों ने होड़ लगाई कि देखते हैं कौन ज्यादा तेज गाड़ी चलाएगा। सबसे पहले देवश्री ड्राइविंग सीट पर बैठा और शहीद पथ तक एसयूवी दौड़ाई। वापसी में शहीद पथ से सार्थक ने स्टेयरिंग संभाली। रफ्तार के जुनून में वह एक्सीलरेटर दबाता रहा।
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रफ्तार 150 पार हो गई। वह नियंत्रण खोया ही था कि जी-20 तिराहे से करीब आठ सौ मीटर पहले स्केटिंग कर रहे नामिश को टक्कर मार दी। पूछताछ में सार्थक व देवश्री ने होड़ लगाकर एसयूवी दौड़ाने की बात कुबूल की है। डीसीपी ने बताया कि हादसे के बाद भी वह काफी रफ्तार में ही एसयूवी भगाकर ले गया था।
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हादसे को अंजाम देने वाले सार्थक और देवश्री एक ही मोहल्ले में रहते हैं। देवश्री के पिता सराफ हैं। डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि देवश्री के कानपुर निवासी चाचा अंशुल उसके घर आए हुए थे। उनकी ही एसयूवी लेकर देवश्री मंगलवार भोर करीब चार बजे घर से निकला था। साथ में सार्थक भी था।
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इधर-उधर घूमने के बाद दोनों जी-20 तिराहे पर पहुंचे थे। दोनों ने होड़ लगाई कि देखते हैं कौन ज्यादा तेज गाड़ी चलाएगा। सबसे पहले देवश्री ड्राइविंग सीट पर बैठा और शहीद पथ तक एसयूवी दौड़ाई। वापसी में शहीद पथ से सार्थक ने स्टेयरिंग संभाली। रफ्तार के जुनून में वह एक्सीलरेटर दबाता रहा।
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रफ्तार 150 पार हो गई। वह नियंत्रण खोया ही था कि जी-20 तिराहे से करीब आठ सौ मीटर पहले स्केटिंग कर रहे नामिश को टक्कर मार दी। पूछताछ में सार्थक व देवश्री ने होड़ लगाकर एसयूवी दौड़ाने की बात कुबूल की है। डीसीपी ने बताया कि हादसे के बाद भी वह काफी रफ्तार में ही एसयूवी भगाकर ले गया था।
बमुश्किल बची मां-बेटी की जान
डीसीपी ने बताया कि जब देवश्री शहीद पथ की तरफ एसयूवी लेकर गया था तब बीच में एक मां-बेटी जा रही थीं। वह दोनों एसयूवी की चपेट में आते-आते बच गई थीं। पुलिस ने उनसे संपर्क किया। मां-बेटी ने एसयूवी की रफ्तार के बारे में जब बताया तो उनके चेहरे पर दहशत साफ दिख रही थी। पुलिस का कहना है कि अब तक जो साक्ष्य सामने आए हैं, उससे स्पष्ट है कि हादसे की वजह रफ्तार थी।
डीसीपी ने बताया कि जब देवश्री शहीद पथ की तरफ एसयूवी लेकर गया था तब बीच में एक मां-बेटी जा रही थीं। वह दोनों एसयूवी की चपेट में आते-आते बच गई थीं। पुलिस ने उनसे संपर्क किया। मां-बेटी ने एसयूवी की रफ्तार के बारे में जब बताया तो उनके चेहरे पर दहशत साफ दिख रही थी। पुलिस का कहना है कि अब तक जो साक्ष्य सामने आए हैं, उससे स्पष्ट है कि हादसे की वजह रफ्तार थी।
आरोपी बोले... पता था कि बच्चा मर गया
पुलिस ने दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। तब वह बोले कि जिस तरह से टक्कर लगी थी, उससे उन्हें पता था कि बच्चा बचेगा नहीं। वह मर गया है। इसी के चलते उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी। वहां से भागने के बाद सुषमा अस्पताल के पास पहुंचकर एसयूवी रोककर उसका मुआयना किया कि डैमेज कहां हुआ है। कुछ देर बाद जब सोशल मीडिया पर हादसे की खबर चली तब उनको पता चला कि हादसा कर जिस बच्चे की जान ली है वह पुलिस अधिकारी का बेटा है। इसलिए वह बचने की फिराक में जुट गए थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। तब वह बोले कि जिस तरह से टक्कर लगी थी, उससे उन्हें पता था कि बच्चा बचेगा नहीं। वह मर गया है। इसी के चलते उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी। वहां से भागने के बाद सुषमा अस्पताल के पास पहुंचकर एसयूवी रोककर उसका मुआयना किया कि डैमेज कहां हुआ है। कुछ देर बाद जब सोशल मीडिया पर हादसे की खबर चली तब उनको पता चला कि हादसा कर जिस बच्चे की जान ली है वह पुलिस अधिकारी का बेटा है। इसलिए वह बचने की फिराक में जुट गए थे।
लखनऊ में हिंट एंड रन
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में जी-20 मार्ग पर मंगलवार सुबह रईसजादों की तेज रफ्तार एसयूवी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) में तैनात एडिशनल एसपी के इकलौते बेटे को टक्कर मार दी। मां के सामने ही स्केटिंग कर रहे मासूम की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक एसयूवी लेकर भाग निकला।
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में जी-20 मार्ग पर मंगलवार सुबह रईसजादों की तेज रफ्तार एसयूवी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) में तैनात एडिशनल एसपी के इकलौते बेटे को टक्कर मार दी। मां के सामने ही स्केटिंग कर रहे मासूम की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक एसयूवी लेकर भाग निकला।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दस घंटे में कार चालक सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार कर एसयूवी बरामद की। आरोपी बुधवार को कोर्ट में पेश किए जाएंगे। गाजीपुर थानाक्षेत्र के संजय गांधीपुरम निवासी श्वेता श्रीवास्तव एसआईटी में एएसपी हैं।
उनका नौ साल का बेटा नामिश सेंट फ्रांसिस की गोमतीनगर शाखा से तीसरी कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। वह स्केटिंग सीखता था। सुबह साढ़े पांच बजे श्वेता उसे जनेवश्वर पार्क में स्केटिंग का अभ्यास करवाने लाईं। कोच के साथ नामिश व उसका एक साथी जी-20 मार्ग पर स्केटिंग कर रहे थे।
श्वेता सड़क के दूसरी तरफ थीं। इसी दौरान शहीद पथ की ओर से आई तेज रफ्तार महिंद्रा एक्सयूवी 700 ने नामिश को जोरदार टक्कर मार दी। चालक ब्रेक लगाने के बजाय एसयूवी और तेज भगा ले गया। खून से लथपथ नामिश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है।
श्वेता के पति अभिनय श्रीवास्तव गुड़गांव के निजी बैंक में अफसर हैं। हादसे की जानकारी पर डीजीपी विजय कुमार, स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार समेत आलाधिकारियों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दी।
15 फीट उछला, फिर बोनट पर गिरा
टक्कर इतनी जोरदार थी कि नामिश करीब 15 फीट उछला और फिर एसयूवी के बोनट पर बायीं तरफ गिरा। फिर भी चालक ने एसयूवी नहीं रोकी। समतामूलक चौराहा, पॉलीटेक्निक होते हुए घर पहुंचकर उसने एसयूवी खड़ी कर दी। इसकी बायीं ओर की हेडलाइट टूट गई और बोनट धंस गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि नामिश करीब 15 फीट उछला और फिर एसयूवी के बोनट पर बायीं तरफ गिरा। फिर भी चालक ने एसयूवी नहीं रोकी। समतामूलक चौराहा, पॉलीटेक्निक होते हुए घर पहुंचकर उसने एसयूवी खड़ी कर दी। इसकी बायीं ओर की हेडलाइट टूट गई और बोनट धंस गया।
हादसा देख कांप गई रूह
हादसा पलक झपकते हुआ। श्वेता व अन्य लोग चंद सेकंड के लिए सन्न रह गए। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि कुछ पल पहले खुशी से स्केटिंग कर रहा मासूम अब नहीं रहा। हादसे का मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई।
हादसा पलक झपकते हुआ। श्वेता व अन्य लोग चंद सेकंड के लिए सन्न रह गए। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि कुछ पल पहले खुशी से स्केटिंग कर रहा मासूम अब नहीं रहा। हादसे का मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा में एफआईआर की। शाम को इंदिरानगर सेक्टर 12 निवासी सार्थक सिंह और उसके दोस्त देवश्री वर्मा को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि देवश्री कानपुर निवासी सराफ चाचा अंशुल वर्मा की एसयूवी लेकर सुबह निकला था। हादसे के वक्त एसयूवी सार्थक चला रहा था। वह एमिटी यूनिवर्सिटी से एलएलबी तृतीय वर्ष व देवश्री रामस्वरूप से बीटेक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। सार्थक के पिता रविंद्र सिंह उर्फ पप्पू बाराबंकी के रामनगर से सपा से जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से एसयूवी ट्रेस करने के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा में एफआईआर की। शाम को इंदिरानगर सेक्टर 12 निवासी सार्थक सिंह और उसके दोस्त देवश्री वर्मा को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि देवश्री कानपुर निवासी सराफ चाचा अंशुल वर्मा की एसयूवी लेकर सुबह निकला था। हादसे के वक्त एसयूवी सार्थक चला रहा था। वह एमिटी यूनिवर्सिटी से एलएलबी तृतीय वर्ष व देवश्री रामस्वरूप से बीटेक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। सार्थक के पिता रविंद्र सिंह उर्फ पप्पू बाराबंकी के रामनगर से सपा से जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से एसयूवी ट्रेस करने के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।