लखनऊ : ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार, नौकरी डॉट कॉम से डाटा लेकर करते थे कॉल
कॉल सेंटर से 17 मोबाइल, 12 कंप्यूटर, एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, एक एलईडी टीवी, दो डिश के सेट टॉप बॉक्स, एक डिजिटल कार्डलेस फोन, वाईफाई सेट टॉप बॉक्स, लेटर पैड, मोहर व चार पेन ड्राइव बरामद हुईं हैं।
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अलीगंज पुलिस व क्राइम ब्रांच ने ऐसे कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है जहां से युवाओं को फोन कर अच्छी जॉब का ऑफर देकर रजिस्ट्रेशन किया जाता था। फिर लिंक शेयर करके खाते से रकम उड़ा दी जाती थी। कॉल सेंटर से नौ युवतियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कॉल सेंटर का संचालक चार साल में विभिन्न राज्यों के हजारों युवाओं को शिकार बना चुका है।
कॉल सेंटर से नौकरी का झांसा देकर युवाओं से ठगी की कुछ शिकायतें मिलने पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कुछ दिनों पहले डीसीपी (क्राइम) पीके तिवारी व डीसीपी (उत्तरी) देवेश कुमार पांडेय को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। छानबीन में सुराग मिलने पर सोमवार रात अलीगंज पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने पुरनिया में पेट्रोल पंप के पीछे कैलाश प्लाजा में चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारा। वहां से नौ युवतियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कॉल सेंटर से 17 मोबाइल, 12 कंप्यूटर, एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, एक एलईडी टीवी, दो डिश के सेट टॉप बॉक्स, एक डिजिटल कार्डलेस फोन, वाईफाई सेट टॉप बॉक्स, लेटर पैड, मोहर व चार पेन ड्राइव बरामद हुईं हैं।
अलीगंज इंस्पेक्टर पन्नेलाल यादव ने बताया कि पकड़े गए लोगों में संचालक अनुज कुमार पाल व उसकी पत्नी डॉली उर्फ रूबी निवासी ग्राम चंपापुर, थाना मितौली, लखीमपुर व हाल पता मौसमबाग, त्रिवेणीनगर, अजय कश्यप निवासी सेक्टर चार, विकासनगर, रमा सिंह निवासी मोहिबुल्लापुर, मड़ियांव, कोमल सिंह निवासी पलटन छावनी, मड़ियांव, जया निगम निवासी हरिओमनगर, मड़ियांव, रुचि तिवारी निवासी संत विहार कॉलोनी, मड़ियांव, सदफ खान निवासी पहली गली, निशातगंज, थाना महानगर, पूजा चौरसिया निवासी अस्ती क्र्रॉसिंग के पास, बीकेटी, प्रीति निवासी केशवनगर, मड़ियांव व पल्लवी निवासी त्रिवेणीनगर द्वितीय शामिल हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि अनुज कुमार पाल व अजय कश्यप को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया जबकि युवतियाें को थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
एडीसीपी (उत्तरी) प्राची सिंह ने बताया कि अनुज व उसकी पत्नी पुरनिया में मार्च 2021 से ये कॉल सेंटर चला कर रहे थे। वह वर्ष 2017 से इस तरह की ठगी कर रहा है। अनुज व उसके साथियों द्वारा हरदोई व अन्य जगह भी कॉल सेंटर खोलकर ठगी की जानकारी पुलिस को मिली है। इस कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े विशाल शर्मा निवासी अलीगढ़, अजय निवासी पटना, खुशबू, हिमांशी वर्मा व अभिषेक फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस व क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।
इस तरह उड़ाते थे रकम
एडीसीपी (उत्तरी) प्राची सिंह ने बताया कि कॉल सेंटर के संचालक नौकरी डॉट कॉम समेत अन्य जॉब पोर्टल पर रजिस्टर्ड बेरोजगार युवाओं का डाटा निकालते थे। फिर इनके नंबर पर कॉल कर अच्छी कंपनी में मोटी तनख्वाह पर नौकरी का ऑफर देकर रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। विश्वास दिलाने के लिए वह कंपनी की लाइव लोकेशन तक भेज देता था। इसके बाद एक लिंक शेयर किया जाता था। उस पर क्लिक करते ही संबंधित युवक/युवती का मोबाइल हैक कर खाते से पूरी रकम अपने यूके वॉलेट या फिर पेटीएम में ट्रांसफर कर लेते थे। कॉल सेंटर से फोन कर बातों में उलझाकर ओटीपी पूछकर भी ये लोग खाते से रकम उड़ाते थे।
दूसरे राज्यों के युवाओं को बनाते थे शिकार
लखनऊ। ये कॉल सेंटर खासकर दूसरे राज्यों के युवाओं को ही निशाना बनाता था, ताकि ठगी का शिकार बने युवक/युवती पैरवी के लिए दौड़भाग न कर सकें। कॉल सेंटर से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों के हजारों युवाओं से ठगी की जा चुकी है। कई पीड़ितों ने संबंधित जिलों में पुलिस से शिकायत भी की मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छह महीने में बदल देता था स्टाफ
कॉल सेंटर का संचालक अनुज कुमार पाल बेरोजगार युवतियों को छह से आठ हजार रुपये वेतन पर कॉलिंग के लिए नौकरी पर रखता था। फिर उन्हीं से सुबह दस से शाम पांच बजे तक बेरोजगारों को कॉल कराता था। जो युवक-युवती झांसे में आकर नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन कराते थे, उन्हें लिंक भेजकर खाते से रकम उड़ाने का काम अनुज खुद करता था। कॉलिंग करने वाली युवतियां पांच-छह महीने में जब तक माजरा समझतीं वह किसी बहाने से उन्हें नौकरी से निकालकर दूसरी लड़कियों को नौकरी पर रख लेता था।