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लखनऊ : शहीद पथ पर हादसे में कार सवार तीन महिलाओं समेत चार की मौत
Fri, 13 Nov 2020 07:45 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 13 Nov 2020 07:45 PM IST
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ में पीजीआई थाना क्षेत्र में शहीद पथ पर शुक्रवार शाम ट्रक और बस के बीच फंसकर एक कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक महिला की हालत गंभीर है। उधर, बस में सवार आठ लोग भी घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार इतनी बुरी तरह से कुचल गई थी कि उससे किसी भी घायल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। एसडीआरएफ की टीम ने कटर से कार काटकर लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक चार की मौत हो चुकी थी।
त्योहार के दिन दर्दनाक हादसा शाम करीब चार बजे हुए। बाराबंकी निवासी 50 वर्षीय राजनारायण सिंह कार से 45 साल की मायादेवी, 35 वर्षीय पूनम, 22 साल की गुड़िया समेत एक अन्य युवती को लेकर उन्नाव गए थे। वहां उन्हें कोई दवा खरीदनी थी। दवा लेकर सभी बाराबंकी लौट रहे थे। शहीद पथ पर वृंदावन सेक्टर आठ के पास कार के आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी। कार चला रहे राजनारायण सिंह ने भी ब्रेक लिया। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। बस और ट्रक के बीच फंसकर कार के परखच्चे उड़ गए।
हादसे से शहीद पथ पर हाहाकार मच गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कार की हालत इतनी खराब थी कि किसी को बाहर निकालने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। क्रेन बुलवाकर किसी तरह कार को दोनों वाहनों के बीच से निकलवाया गया। इसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना दी। एसडीआरएफ के कमांडेट डॉ. सतीश कुमार खुद मदद लेकर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। कटर से कार की छत, दरवाजे व स्टीयरिंग काटकर खून से लथपथ पांचों लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक राजनारायण, मायादेवी, गुुड़िया व रामदुलारी (40) की मौत हो चुकी थी। सिर्फ पूनम की सांसें चल रही थीं। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया जहां हालत गंभीर बताई जा रही है।उधर, हादसे के बाद बस का चालक व परिचालयक वाहन और सवारियों को छोड़कर भाग निकला। बस पंजाब से बिहार के समस्तीपुर जा रही थी। उसमें अधिकतर मजदूर सवार थे। हादसे में आठ मजदूरों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने सबको अस्पताल भेजा जहां मामूली उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सभी मजदूरों को दूसरी बस से उनकी जगहों पर भेजा गया।
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त्योहार के दिन दर्दनाक हादसा शाम करीब चार बजे हुए। बाराबंकी निवासी 50 वर्षीय राजनारायण सिंह कार से 45 साल की मायादेवी, 35 वर्षीय पूनम, 22 साल की गुड़िया समेत एक अन्य युवती को लेकर उन्नाव गए थे। वहां उन्हें कोई दवा खरीदनी थी। दवा लेकर सभी बाराबंकी लौट रहे थे। शहीद पथ पर वृंदावन सेक्टर आठ के पास कार के आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी। कार चला रहे राजनारायण सिंह ने भी ब्रेक लिया। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। बस और ट्रक के बीच फंसकर कार के परखच्चे उड़ गए।
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हादसे से शहीद पथ पर हाहाकार मच गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कार की हालत इतनी खराब थी कि किसी को बाहर निकालने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। क्रेन बुलवाकर किसी तरह कार को दोनों वाहनों के बीच से निकलवाया गया। इसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ को सूचना दी। एसडीआरएफ के कमांडेट डॉ. सतीश कुमार खुद मदद लेकर मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। कटर से कार की छत, दरवाजे व स्टीयरिंग काटकर खून से लथपथ पांचों लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक राजनारायण, मायादेवी, गुुड़िया व रामदुलारी (40) की मौत हो चुकी थी। सिर्फ पूनम की सांसें चल रही थीं। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया जहां हालत गंभीर बताई जा रही है।उधर, हादसे के बाद बस का चालक व परिचालयक वाहन और सवारियों को छोड़कर भाग निकला। बस पंजाब से बिहार के समस्तीपुर जा रही थी। उसमें अधिकतर मजदूर सवार थे। हादसे में आठ मजदूरों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने सबको अस्पताल भेजा जहां मामूली उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सभी मजदूरों को दूसरी बस से उनकी जगहों पर भेजा गया।
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