फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Scarcity of Urdu students in Lucknow only 45 out of 120 seats filled at Lucknow University

यूपी: अदब के शहर में नहीं मिल रहे उर्दू के विद्यार्थी, लखनऊ विश्वविद्यालय में 120 में सिर्फ 45 सीटें भरीं

Tue, 01 Sep 2026 08:04 AM IST
Bhupendra Singh अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 01 Sep 2026 08:04 AM IST
सार

जिस लखनऊ ने लंबा नवाबी दौर देखा है, जिसकी गलियों में मीठी जुबान और तहजीब की खुशबू कायम है, वहां के युवा अब उर्दू सीखने से भी परहेज कर रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Scarcity of Urdu students in Lucknow only 45 out of 120 seats filled at Lucknow University
लखनऊ विश्वविद्यालय।

विस्तार

एक समय था जब लखनऊ विश्वविद्यालय में उर्दू विषय में प्रवेश के लिए मारामारी होती थी, आज वहां विद्यार्थी खोजे नहीं मिल रहे हैं। लविवि में इस साल एमए उर्दू की 120 सीटों के सापेक्ष केवल 45 छात्र ही मिल सके हैं।
विज्ञापन


लविवि में उर्दू विभाग के अध्यक्ष सीनियर प्रोफेसर डॉ. अब्बास रजा नैय्यर ने बताया कि एक जमाने में एमए उर्दू में प्रवेश लेने वालों की इतनी ज्यादा संख्या होती थी कि सीटों की संख्या बढ़ानी पड़ी लेकिन पिछले 10-12 वर्षों के दौरान शहर में कई विश्वविद्यालय व कॉलेजों में कोर्स शुरू हो जाने की वजह से लखनऊ विवि में छात्रों की संख्या घटती चली गई। इस दौरान यहां हर साल सीटें खाली रह जाती हैं। 
विज्ञापन

45 विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हुए

उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि तक उनके पास 45 विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हो चुके थे। विवि की ओर से 31 अगस्त तक सीधे प्रवेश दिए जाने की घोषणा के बाद करीब 20 आवेदन बढ़े हैं, जिससे यह संख्या 65 हो सकती है। उन्होंने बताया कि शिया पीजी कॉलेज के अलावा ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि में भी कोर्स संचालित होने लगे, जिसकी वजह से छात्रों की संख्या बंट गई है। इसके अलावा मौलाना आजाद ओपन यूनिवर्सिटी में तो स्कॉलरशिप भी मिलती है, जिससे छात्रों का रुझान उस तरफ भी हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मालूम हो कि लविवि की ओर से 27 अगस्त को सूचना जारी की गई थी कि ऐसे पीजी पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा, जिनमें सीटें रिक्त रह गई हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को सत्र 2026-27 में परास्नातक पाठ्यक्रम के लिए किए गए आवेदन की प्रति, सीधे प्रवेश के लिए स्वहस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र और आधार कार्ड की स्वहस्ताक्षरित प्रति जमा करनी होगी। इसके लिए भी अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई थी। हालांकि पीजी में कई कोर्स अब भी ऐसे हैं जिनमें सीटें खाली रह जाने की आशंका है।
 

पीजी के इन पाठ्यक्रमों में खाली रह गईं सीटें

पीजी के 43 पाठ्यक्रमों में सीटें खाली रह गई हैं। इन सीटों के लिए सीधे आवेदन मांगे गए हैं और मेरिट के आधार पर प्रवेश लिया जाएगा। खाली रह गए कोर्सेंज में एमए एआईएच एंड आर्कियोलॉजी, एमए आचार्य, एमए अरब कल्चर, एमए अरबी, एमए कंपोजिट हिस्ट्री, एमए डिफेंस स्टडीज, मास्टर्स ऑफ पॉपुलेशन स्टडीज, एमए फ्रेंच, एमए संस्कृत, एमए उर्दू, एमए फिलॉसफी, एमए होम साइंस, एमए लिंग्विस्टिक्स, एमए पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस और एमए ज्योतिष विज्ञान शामिल हैं। 

विज्ञान वर्ग में एमएससी एनवायरमेंटल साइंसेज, कंप्यूटर साइंस, डाटा साइंस एंड एनालिटिक्स, एआई एंड मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी एंड साइबर फॉरेंसिक, रिन्यूएबल एनर्जी, मॉलिक्यूलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स, फूड प्रोसेसिंग एंड टेक्नोलॉजी और मैथमैटिक्स जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा एमबीए फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट, मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ, एमए एजुकेशन, एमकॉम एप्लाइड इकोनॉमिक्स और एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में भी सीटें खाली रह गई हैं।

एमए उर्दू के बाद रोजगार के कई अवसर

  • स्कूलों में उर्दू शिक्षक के साथ यूजीसी नेट/पीएचडी के बाद कॉलेज व विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अवसर।
  • सरकारी विभागों, न्यायालयों, दूतावासों और निजी संस्थानों में उर्दू अनुवादक के रूप में काम।
  • उर्दू समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और डिजिटल मीडिया संस्थानों में रिपोर्टर, संपादक और प्रूफरीडर की भूमिका।
  • समाचार उद्घोषक, स्क्रिप्ट राइटर और कंटेंट राइटर के तौर पर अवसर।
  • दुभाषिया: विभिन्न संस्थानों और बैठकों में उर्दू-हिंदी/अंग्रेजी भाषा के इंटरप्रेटर के रूप में काम।
  • ऑनलाइन कंटेंट राइटिंग, अनुवाद और संपादन के जरिए भी आय का विकल्प।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed