डीएम ने विभागों को दी चेतावनी, 20 फरवरी तक कार्मिकों का न दिया ब्यौरा तो होगी कार्रवाई
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जिलाधिकारी की चेतावनी के बाद भी कार्मिकों की सूची उपलब्ध न कराने वाले तीस प्रमुख विभागों के जिम्मेदारों को सोमवार को तलब किया गया। उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल निर्वाचन कार्य में बरती जा रही शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए अफसरों के पेंच कसे। साथ ही तीन दिनों में चुनाव ड्यूटी के लिए कार्मिकों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का अंतिम अल्टीमेटम दिया।
डीएम कौशल राज शर्मा ने चेताया कि इसके बाद कार्मिकों का विवरण उपलब्ध न कराने वाले डिफाल्टर विभागों के जिम्मेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की टीम संभवत: 22 फरवरी को चुनावी तैयारियां परखने लखनऊ आ रही है।
इसके पहले ही हर संभव स्तर पर चुनाव ड्यूटी में नामित होने वाले कार्मिकों का डेटा बेस तैयार कराने का कार्य किया जाना है। कसभा चुनाव में निर्वाचन ड्यूटी के लिए राजधानी की दो संसदीय सीटों के 1451 मतदान केंद्रों के 3651 पोलिंग बूथों के साथ आसपास के जिलों में तैनात किए जाने को 40 हजार कार्मिकों की सूची तैयार कर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग को भेजनी है।
40 हजार कार्मिकों का बनेगा डाटाबेस
इसमें से 20 हजार कर्मचारी राजधानी की मोहनलालगंज व लखनऊ संसदीय सीटों की चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने का कार्य करेंगे, जबकि दस हजार को रिर्जव ड्यूटी के लिए रखा जाएगा। 10 हजार कर्मचारियों का डाटाबेस राजधानी के आसपास के जिलों में चुनाव ड्यूटी के लिए आयोग को उपलब्ध कराना है। आयोग के मानकों के अनुसार इन बूथों पर न्यूनतम चार कार्मिकों की तैनाती की जाएगी।