कोडीन कफ सिरप मामला: 30 कारोबारियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी, पासपोर्ट भी होंगे जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में 30 कारोबारियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। एसआईटी ने एक लाख से ज्यादा शीशियों का भंडारण और बिक्री करने वालों पर कार्रवाई की। पासपोर्ट भी जब्त होंगे। आगे पढ़ें पूरा मामला...
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उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में एसआईटी ने उन कारोबारियों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिन्होंने एक लाख से अधिक सिरप की शीशियां बेची थीं। एसआईटी ने ऐसे 30 कारोबारियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। साथ ही उनके पासपोर्ट को जब्त करने की कवायद शुरू की गई है। कफ सिरप बनाने वाली तीन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए सुबूत जुटाए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कफ सिरप की तस्करी करने वाले सिंडिकेट की जांच के साथ उन कारोबारियों की भूमिका का पता भी लगाया गया था जिन्होंने एक लाख से अधिक सिरप की शीशियों का भंडारण और बिक्री की थी। जांच में सामने आया कि ये कारोबारी सिंडिकेट के इशारे पर फर्जी बिलिंग कर रहे थे।
30 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करेगी टीम
एसआईटी के निर्देश पर विवेचकों ने आरोपियों की संपत्तियों की पड़ताल का काम पूरा कर लिया है। उनको जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत सोनभद्र पुलिस मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की 30 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करेगी।
वाराणसी पुलिस भी शुभम जायसवाल की 70 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करेगी। वहीं, लखनऊ में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और जौनपुर में अमित सिंह टाटा की संपत्तियों को भी जल्द जब्त किया जाएगा।
चार तस्कर चिह्नित, तलाश तेज
एसआईटी पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में कफ सिरप की बांग्लादेश में तस्करी करने वालों को भी चिह्नित कर रही है। इसके लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मदद ली जा रही है। अब तक चार ऐसे तस्करों को चिह्नित किया गया है जो कफ सिरप बांग्लादेश भेजते थे।