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माज हत्याकांडः इंस्पेक्टर समेत सात को उम्रकैद, संजय राय ने हत्या के लिए दिए थे हथियार व सुपारी

Sat, 29 Feb 2020 01:35 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 29 Feb 2020 01:35 PM IST
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life imprisonment to inspector sanjay rai in maaz murder case.
माज (फाइल फोटो), संजय राय - फोटो : अमर उजाला
प्रेम संबंधों में विफल रहने पर महिला प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के घर पर हमला कर उसके भाई माज की हत्या करने के बहुचर्चित मामले में तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर संजय राय समेत सात को एडीजे स्वप्ना सिंह ने शुक्रवार को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
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लखनऊ के इंदिरानगर थाने में 29 मई, 2013 को स्थानीय महिला ने आरोप लगाया था कि रात साढ़े 10 बजे उसका 14 वर्षीय भतीजा माज अहमद सिद्दीकी घर में टीवी देख रहा था। तभी तीन लोग बाइक से आए और दरवाजा खुलवाने के बाद माज पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर भाग गए। इससे माज की मौत हो गई।
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पेशगी के लिए 20 हजार रुपये भी दिए

माज हत्याकांड में दोषी संजय राय ने भाई प्रदीप राय की कार और अवैध हथियार आरोपियों को मुहैया कराया। उसने ढाई लाख रुपये की सुपारी दी और पेशगी के 20 हजार रुपये भी दिए। संदीप ने शूटरों की व्यवस्था की थी। इसके बाद सुनील कुमार सैनी, अजित यादव व राहुल राय बाइक से गए और माज की हत्या कर दी।

इस दौरान अन्य आरोपी कार और बाइक से कुछ दूरी पर मदद को खड़े थे। हत्या के बाद संजय राय ने बाकी की रकम नहीं दी। इस पर सुनील और अजित कार लेकर भाग गए। पुलिस ने अजित को गिरफ्तार कर 13 जुलाई 2013 को उसकी निशानदेही पर वाराणसी से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल बरामद किया था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट में 19 गवाहों को पेश किया था। प्रेम संबंध स्वीकार न होने से नाराज था संजय ः विवेचना में पुलिस को पता चला कि इंस्पेक्टर संजय वादिनी की पुत्री व प्रशिक्षु उपनिरीक्षक से प्रेम करता था।

प्रशिक्षु उपनिरीक्षक द्वारा इस संबंध को अस्वीकार करने पर नाराज संजय ने संदीप राय, राम बाबू, अजित राय, राहुल राय, अजित यादव उर्फ  बंटी, सुनील कुमार सैनी, राकेश कुमार सोनी के साथ हत्या की साजिश रची और शूटरों से हत्या कराई। इसमें से सात काे शुक्रवार को सजा सुनाई गई। वहीं सुनवाई के दौरान अजीत फरार हो गया था। लिहाजा कोर्ट ने उसकी पत्रावली को अन्य आरोपियों से अलग कर सुनवाई की। 

26 को ठहराया गया था दोषी

माज हत्याकांड में आरोपियों को 26 फरवरी को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने राम बाबू उर्फ  छोटू, अजित राय उर्फ  सिंटू, तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय और राकेश कुमार सोनी संदीप राय को हत्या की साजिश रचने के आरोप में आजीवन कारावास के साथ 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है।

वहीं, दोषी सुनील कुमार सैनी उर्फ  पहलवान और राहुल राय को जघन्य अपराध करने के लिए घर में घुसने के आरोप में 10 साल कठोर कारावास व पांच हजार रुपये का जुर्माना, हत्या के आरोप में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सुनील को अवैध हथियार रखने के जुर्म में तीन साल कैद समेत दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

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