{"_id":"6750bbafa962c1b8a1064554","slug":"lda-will-not-allow-commercial-use-in-residential-areas-at-present-lucknow-news-c-13-1-lko1021-980315-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: आवासीय में व्यावसायिक उपयोग की अनुमति फिलहाल नहीं देगा एलडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: आवासीय में व्यावसायिक उपयोग की अनुमति फिलहाल नहीं देगा एलडीए
विज्ञापन
लखनऊ। आवासीय भवनों का फिलहाल व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। आवासीय भवनों को व्यावसायिक बनाने के लिए जिन बिल्डरों ने पैसा जमा किए थे, उन्हें वापस किया जाएगा। ऐसे करीब 20 बिल्डर हैं जिन्होंने पैसे जमा किए थे। पूर्व में बोर्ड ने जो प्रस्ताव पास कर शासन को भेजे थे, उसपर अब तक आदेश जारी नहीं होने की वजह से यह फैसला किया गया। बुधवार को हुई बैठक में इसका प्रस्ताव पास कर दिया गया।
आवासीय में अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एलडीए बोर्ड ने करीब चार साल पहले एक प्रस्ताव पास किया था। इसके तहत 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित आवासीय भवनों को व्यावसायिक में तब्दील करने के लिए हरी झंडी दी गई थी। व्यावसायिक इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए शुल्क भी तय किया गया था। इसके बाद करीब 20 लोगोंं ने पैसा जमा किए, मगर शासन से कोई अनुमति नहीं मिली।
करीब दो साल पहले एलडीए बोर्ड ने इस बाबत फिर प्रस्ताव पास किया, मगर शासन की अनुमति नहीं मिल सकी। वहीं न्यायालय में भी यह मामला पहुंचा गया। इसके बाद मामला लटक गया। ऐसे में जिन लोगों का पैसा जमा था, उनको भी एलडीए अनुमति नहीं दे सका। अवैध निर्माण पर कार्रवाई होने पर ये लोग एलडीए में पैसा जमा होने का हवाला देते थे। इसको देखते हुए बुधवार को हुई बोर्ड की बैठक में उन सभी लोगों का पैसा वापस करने का प्रस्ताव पास किया गया। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि शासन से कोई आदेश आने पर ही आवासीय में काॅमर्शियल उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में जिनका पैसा पहले से जमा है, उनको वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
कॉर्नर में मिले प्लॉट में 10 प्रतिशत अतिरिक्त जमीन है, तो देना होगा पैसा
अगर आपका काॅर्नर का प्लाॅट है और 10 प्रतिशत जमीन अतिरिक्त है, तो आवंटन के समय की दर के हिसाब से उसकी कीमत ली जाएगी। एक महीने का समय पैसा जमा करने के लिए दिया जाएगा। एलडीए सचिव ने बताया कि कई बार काॅर्नर के प्लाॅट में आवंटित क्षेत्रफल से अधिक जमीन निकल आती है। ऐसे मामलों में आवंटन को लेकर कोई नियम नहीं था। इससे जमीन पर कब्जे हो जाते थे।
- जहां पर 10 से 30 प्रतिशत तक अधिक जमीन होगी, वहां वर्तमान दर पर पैसा लिया जाएगा और छह महीने का मौका दिया जाएगा। इसी तरह यदि 60 प्रतिशत से अधिक जमीन है, तो वहां भी मौजूदा दर पर पैसा लिया जाएगा। ऐसे मामलों में एक साल में पैसा जमा करने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। पुरानी योजनाओं के अलावा एलडीए की जो नई योजनाएं आएंगी, उनके लिए भी यह नियम लागू होगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
आवासीय में अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एलडीए बोर्ड ने करीब चार साल पहले एक प्रस्ताव पास किया था। इसके तहत 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित आवासीय भवनों को व्यावसायिक में तब्दील करने के लिए हरी झंडी दी गई थी। व्यावसायिक इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए शुल्क भी तय किया गया था। इसके बाद करीब 20 लोगोंं ने पैसा जमा किए, मगर शासन से कोई अनुमति नहीं मिली।
विज्ञापन
करीब दो साल पहले एलडीए बोर्ड ने इस बाबत फिर प्रस्ताव पास किया, मगर शासन की अनुमति नहीं मिल सकी। वहीं न्यायालय में भी यह मामला पहुंचा गया। इसके बाद मामला लटक गया। ऐसे में जिन लोगों का पैसा जमा था, उनको भी एलडीए अनुमति नहीं दे सका। अवैध निर्माण पर कार्रवाई होने पर ये लोग एलडीए में पैसा जमा होने का हवाला देते थे। इसको देखते हुए बुधवार को हुई बोर्ड की बैठक में उन सभी लोगों का पैसा वापस करने का प्रस्ताव पास किया गया। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि शासन से कोई आदेश आने पर ही आवासीय में काॅमर्शियल उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में जिनका पैसा पहले से जमा है, उनको वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
कॉर्नर में मिले प्लॉट में 10 प्रतिशत अतिरिक्त जमीन है, तो देना होगा पैसा
अगर आपका काॅर्नर का प्लाॅट है और 10 प्रतिशत जमीन अतिरिक्त है, तो आवंटन के समय की दर के हिसाब से उसकी कीमत ली जाएगी। एक महीने का समय पैसा जमा करने के लिए दिया जाएगा। एलडीए सचिव ने बताया कि कई बार काॅर्नर के प्लाॅट में आवंटित क्षेत्रफल से अधिक जमीन निकल आती है। ऐसे मामलों में आवंटन को लेकर कोई नियम नहीं था। इससे जमीन पर कब्जे हो जाते थे।
- जहां पर 10 से 30 प्रतिशत तक अधिक जमीन होगी, वहां वर्तमान दर पर पैसा लिया जाएगा और छह महीने का मौका दिया जाएगा। इसी तरह यदि 60 प्रतिशत से अधिक जमीन है, तो वहां भी मौजूदा दर पर पैसा लिया जाएगा। ऐसे मामलों में एक साल में पैसा जमा करने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। पुरानी योजनाओं के अलावा एलडीए की जो नई योजनाएं आएंगी, उनके लिए भी यह नियम लागू होगा।