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शीशमहल में सिर्फ एक इमारत सील कर पाया एलडीए

Tue, 11 Nov 2014 09:34 AM IST
ऋषि मिश्र/अमर उजाला, लखनऊ
ऋषि मिश्र/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Nov 2014 09:34 AM IST
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LDA seals only one building

शीशमहल तालाब के पास सोमवार को छह अवैध इमारतों को सील करने गई एलडीए की टीम सिर्फ एक को ही सील कर सकी। जैसे ही दूसरी बिल्डिंग को सील करने की कोशिश की गई, लोगों ने एलडीए की टीम को घेर लिया।

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इसके बाद प्राधिकरण के कर्मचारियों और इंजीनियरों की टीम बिना सीलिंग ही वापस आ गई। एलडीए ने अब पर्याप्त पुलिस बल की कमी का तर्क देकर अवैध इमारतों को सील करने की कार्ययोजना को 14 नवंबर तक टाल दिया है।
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प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जब तक पर्याप्त पुलिस बल नहीं मिलेगा इस क्षेत्र में बिल्डिंगों को सील कर पाना संभव नहीं होगा।

मुख्य सचिव आलोक रंजन के आदेश के बाद शीशमहल तालाब के आसपास अवैध बिल्डिंगों का सर्वे किया गया था। पाया गया कि यहां कुल छह बिल्डिंग अवैध हैं। दो दिन की छुट्टी के बाद प्राधिकरण के अभियंता यहां पहुंचे।
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एक निर्माणाधीन इमारत पर सीलिंग की गई। जैसे ही दूसरी इमारत की ओर दस्ता बढ़ा तो बिल्डरों के कारिंदों ने एलडीए की टीम को घेर लिया। टीम को इमारत छुने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

कई लोग तो यहां एलडीए के अभियंताओं को दिया गया सुविधा शुल्क भी याद दिला रहे थे। इसके बाद दस्ता पीछे हट गया। एलडीए उपाध्यक्ष ने अवर अभियंता बीबी सिंह के हवाले से बताया कि सीलिंग की कार्रवाई को गई टीम से बिल्डर के कारिंदों ने बदसुलूकी की और अवर अभियंता का कपड़ा फाड़ दिया।

एलडीए के उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने बताया कि एक इमारत को सील किया गया है। बाकी जानकारी अधिशासी अभियंता डीसी श्रीवास्तव देंगे।

डीसी श्रीवास्तव ने बताया कि यहां की बाकी अवैध इमारतों को 14 नवंबर से सील किया जाएगा। फिलहाल उनको पर्याप्त पुलिस बल मिलने की संभावना नहीं है। इसलिए अभी इस क्षेत्र में सीलिंग नहीं की जाएगी।


शीशमहल क्षेत्र के अलावा शहर भर में दर्जन भर इमारतों की फाइल तैयार की गई हैं, मगर सीलिंग सोमवार को एक भी नहीं की गई।

सभी अधिशासी अभियंता आम दिनों की तरह ही अन्य कामों में व्यस्त रहे और उपाध्यक्ष के सख्ती बरतने के आदेश को हवा में ही उड़ाते रहे।

उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी और अधीक्षण अभियंता योगेश पाठक के चार इमारतों को तत्काल सील करने आदेश पर अधिशासी डीसी सचान ने कोई भी जमीनी कार्रवाई नहीं की।

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