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देर शाम हुआ कमलेश तिवारी का अंतिम संस्कार, बेटे ने उठाई एनआईए से जांच की मांग

Sat, 19 Oct 2019 08:52 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 19 Oct 2019 08:52 PM IST
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kamesh tiwari cremented on saturday in sitapur
कमलेश तिवारी - फोटो : amar ujala
शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के बाद शनिवार शाम को सीतापुर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव के अंतिम संस्कार के लिए परिवारवालों को मनाने में अफसरों के पसीने छूट गए।
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शुक्रवार देर रात कमलेश का शव महमूदाबाद आने के बाद से ही जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी परिवारवालों से शव के अंतिम संस्कार के लिए मानमनौवल करते रहे। परिवार मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। कमिश्नर लखनऊ मुकेश कुमार मेश्राम और आइजी जोन एसके भगत महमूदाबाद पहुंचे और परिवार की शर्तों को स्वीकार कर लिया।
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दोनों अधिकारियों ने रविवार को परिवार की मुलाकात योगी आदित्यनाथ से कराने समेत नौ मांगों के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। दोपहर बाद ज्येष्ठ पुत्र सत्यम तिवारी ने मुखाग्नि दी।
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शासन ने मानीं परिवार की ये मांगें

कमिश्नर व डीएम ने कमलेश तिवारी के तीन करीबियों को गवाह बना कर परिवार की ओर से की जा रही मांगों में से नौ मांगें मानने पर सहमति जताई। समझौता पत्र पर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम, डीएम अखिलेश तिवारी व कमलेश तिवारी की ओर से राजेश मणि त्रिपाठी, संजय कुमार संजू तीन लोगों के हस्ताक्षर हैं।  
  • 20 अक्टूबर की शाम तक परिवारीजनों व शुभचिंतकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात। 
  • एसआईटी व एनआईए के आईजी स्तर के अफसर की निगरानी में हत्याकांड की जांच।
  • 48 घंटे के भीतर कमलेश तिवारी के परिवारीजनों के लिए सुरक्षा के इंतजाम।
  • कमलेश तिवारी की गरिमानुसार उनके परिवारीजनों को आर्थिक सहायता।
  • कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम को सरकारी नौकरी की शासन से सिफारिश।
  • कमलेश तिवारी के परिवार को आवेदन पर शस्त्र लाइसेंस।
  • सरकारी योजना के तहत कमलेश तिवारी के परिवारीजनों को लखनऊ में सरकारी आवास। 
  • प्रशासन की उपस्थित में समुचित सम्मान के साथ अंतिम संस्कार।
  • परिवारीजनों, शुभचिंतकों की शिकायत पर एडीएम, एएसपी की टीम से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई।

कमलेश की मां ने सरकार पर लगाए आरोप 

अपने बेटे को खो देने वाली कुसुमा देवी ने एक स्थानीय नेता सहित प्रदेश सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि सपा सरकार में कमलेश तिवारी की सुरक्षा अधिक थी। तब डेढ़ दर्जन सुरक्षा कर्मी लगे थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सुरक्षा कम कर दी थी। वह भी कमजोर पुलिस कर्मी लगाए गए थे। साथ ही कुसुमा देवी ने स्थानीय भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता पर भी आरोप लगाया। उनका कहना था रामजानकारी मंदिर ट्रस्ट को लेकर कमलेश का शिव कुमार गुप्ता से विवाद चल रहा था। घटना के पीछे उनका भी हाथ हो सकता है। 

वहीं बेटे ने कहा प्रदेश सरकार व पुलिस पर भरोसा नहीं?

कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम ने पिता की हत्या के प्रकरण की एनआईए से जांच कराने की मांग की। उसने कहा कि प्रदेश सरकार व पुलिस पर भरोसा नहीं है। हिंदूवादी सरकार में प्रखर हिंदूवादी नेता व उसके पिता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई। ऐसे में पुलिस व सरकार पर निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का भरोसा नहीं है। इसलिए एनआईए से जांच कराई जाए। हालांकि सत्यम् की एनआईए से जांच की मांग मान ली गई है। 

पुलिस बर्बरता की शिकार हुई कमलेश की पत्नी

कमलेश तिवारी की हिंदू समाज पार्टी के महामंत्री राजेश मणि त्रिपाठी ने लखनऊ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लखनऊ की नाका पुलिस ने बर्बता की है। पुलिस लाठी चार्ज में कमलेश तिवारी की पत्नी चोटिल हुई हैं। राजेश मणि त्रिपाठी ने लखनऊ एसएसपी को हटाने व नाका थाना पुलिस को सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी इस मांग पर तीन दिन में कार्रवाई न हुई तो वह प्रदर्शन करेंगे। 

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