कल्बे जव्वाद बोले, अमेरिका आतंकवाद का जन्मदाता
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चहेल्लुम के 30 सफर पर नगर के इमामबाड़ा जवाहिर अली खां में रविवार को एक साथ 72 शहीदों का ताबूत उठा। लखनऊ से बनकर आए सभी ताबूत परिसर में घुमाए गए।
इससे पूर्व मजलिस में जुटी हजारों की भीड़ को शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने संबोधित किया। उन्होंने अमेरिका पर जमकर निशाना साधा।
कहा कि, जब तक आतंकवाद के जन्मदाता को खत्म नहीं करेंगे, तब तक आईएसआईएस व लश्कर-ए-तैयबा जैसा कोई न कोई आतंक का पर्याय बनता रहेगा।
शिया धर्मगुरु ने कहा कि जब इराक पर आतंकी हमला होता है और वहां तमाम शिया मारे जाते हैं, लेकिन तब वह (अमेरिका) कोहराम नहीं मचाता। वहीं, फ्रांस पर हमला होता है तो सभी चिल्ला उठते हैं।
'आतंकवाद का धर्म के आधार पर वर्गीकरण ठीक नहीं'
उन्होंने कहा कि आतंकवाद-आतंकवाद है, इसका भेदभाव व धर्म के नाम पर वर्गीकरण ठीक नहीं है। इसके बाद परिसर में 72 शहीदों का ताबूत निकाला गया।
शहर फैजाबाद मोमिनी व अंजुमने आबीदिया की ओर से हुए कार्यक्रम की बुनियाद इरफान मेंहदी व रिजवान मेंहदी ने रखी थी।
कैसर जौनपुरी ने कर्बला के शहीदों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कासिफ मुजफ्फरनगर ने नौहा पढ़ा। जुलूस में जाकिर हुसैन पाशा, मुनीर आब्दी, वसी हैदर गुड्डू, सुहेब, कुमैल, रिजवान समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।