22 जिलों के न्यायालयों में हुई जजों की नियुक्ति
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प्रदेश सरकार ने पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे की पहल करते हुए शुक्रवार को 22 जिलों के 23 पारिवारिक न्यायालयों में प्रमुख न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुमोदन के बाद प्रमुख सचिव न्याय एसके पांडेय ने न्यायाधीशों की नियुक्ति संबंधी आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया। जिन जिलों के पारिवारिक न्यायालयों में प्रमुख न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है, उनमें अलीगढ़, इलाहाबाद, आजमगढ़, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, चित्रकूट, देवरिया, फैजाबाद, फतेहपुर, गोरखपुर, हमीरपुर, कन्नौज, कानपुर नगर, ललितपुर, महराजगंज, महोबा, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर व श्रावस्ती शामिल हैं।
इनमें इलाहाबाद में दो पारिवारिक न्यायालय हैं। वहां दोनों में ही न्यायाधीशों की तैनाती कर दी गई है।
हाईकोर्ट ने दी अनुमति
न्याय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पारिवारिक न्यायालयों के प्रमुख न्यायाधीशों की नियुक्ति हाईकोर्ट की संस्तुति पर की जाती है। हाईकोर्ट ने हाल में ही अपनी संस्तुति दी थी। अब मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी गई है।
पारिवारिक न्यायालय के निर्णयों की अपील उच्च न्यायालय में ही की जा सकती है। इन अपीलों को उच्च न्यायालय के कम से कम दो न्यायाधीशों की पीठ सुनती है।
इस पर प्रमुख सचिव न्याय एसके पांडेय का कहना है कि पारिवारिक न्यायालयों में प्रमुख न्यायाधीशों की तैनाती से विवाह, भरण-पोषण, पति-पत्नी से संबंधित तथा बच्चों के संरक्षण आदि से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। वहीं, महिलाओं से संबंधित आपराधिक मामलों के तेजी से निपटारे के लिए पिछले दिनों खुले 81 फास्ट ट्रैक कोर्ट भी जल्द ही काम करना शुरू कर देंगे।