नहीं होगी भर्ती, 909 पदों के लिए इंटरव्यू निरस्त
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राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 909 पदों के लिए चल रहे साक्षात्कार को निरस्त कर दिया है।
साथ में बोर्ड के चेयरमैन को सख्त हिदायत दी गई है कि वे नियम विरुद्ध काम न करें।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। इसके बाद साक्षात्कार प्रक्रिया रोक दी गई।
चेयरमैन और शासन के बीच फंसा मामला
शासनादेश के अनुसार साक्षात्कार के लिए नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। सचिव और उप सचिव प्रशासनिक अधिकारी हैं इसलिए साक्षात्कार के लिए बुलावा देने संबंधी अधिकार इनके पास है।
बोर्ड में प्रशासनिक अधिकारियों को काम देने का अधिकार शासन के पास है न कि चेयरमैन के पास। चेयरमैन अपने हिसाब से यह काम नहीं कर सकते हैं।
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि साक्षात्कार व चयन होने तक दस्तावेज किसके पास रहेंगे।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने यह भी कहा है कि साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए और पात्र आवेदकों को निर्धारित समय 21 दिन पहले बुलावा पत्र भेजा जाना चाहिए।
यूं शुरू हुआ विवाद
राज्य सरकार से सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का गठन किया गया है।
चयन बोर्ड ने सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 909 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे थे।
चयन बोर्ड ने प्रधानाचार्य के पदों के लिए दो जून से साक्षात्कार शुरू किया तो मौजूदा सचिव नीना श्रीवास्तव और उप सचिव सीएल चौरसिया ने इसका विरोध कर दिया।
उन्होंने कहा कि साक्षात्कार के लिए नियमत: 21 दिन पहले बुलावा पत्र भेजा जाना चाहिए, जब इसमें नियमों का पालन नहीं किया गया। आरोप तो यह भी है कि मेरिट बनाने में भी गड़बड़ी की गई।
स्थायी चेयरमैन की तैनाती प्रक्रिया शुरू
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में मौजूदा समय स्थायी चेयरमैन नहीं है। बोर्ड में एक चेयरमैन और दस सदस्य होते हैं। मौजूदा समय बोर्ड में सात सदस्य हैं।
वरिष्ठ सदस्य डॉ. आशाराम को कार्यवाहक चेयरमैन बनाया गया है।
विभागीय जानकारों की मानें ने शासन ने बोर्ड में स्थायी चेयरमैन नियुक्त के लिए मुख्यमंत्री के पास प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।