{"_id":"5c1d2db0bdec2256b61c1bca","slug":"hriday-narayan-dikshit-commented-for-members-of-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा अध्यक्ष ने 'माननीयों' को दिखाया आईना, कहा-मतदाता के हाथ-पैर पकड़ते हैं तब यहां आते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा अध्यक्ष ने 'माननीयों' को दिखाया आईना, कहा-मतदाता के हाथ-पैर पकड़ते हैं तब यहां आते हैं
Fri, 21 Dec 2018 11:45 PM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Fri, 21 Dec 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के स्थगित होने की घोषणा करने के पहले सदस्यों से अच्छी परंपराएं स्थापित करने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र को काफी उपयोगी बताते हुए सत्ता पक्ष व विपक्ष के सदस्यों व सरकार के मंत्रियों की सराहना की।
विज्ञापन
साथ ही सदन में अच्छी न लगने वाली परंपराएं खत्म कर अच्छी परंपराएं स्थापित करने का आह्वान किया। अध्यक्ष ने सदस्यों को याद दिलाया कि हम चुनाव में मतदाता से वोट के लिए हाथ जोड़ते हैं, पैर पकड़ते हैं तब यहां आ पाते हैं। ‘माननीय’ कहे जाते हैं।
विज्ञापन
जनता को सेवा का भरोसा देकर आते हैं। उन्होंने कहा कि पद आते-जाते रहते हैं। कब गया, पता नहीं चलता। ऐसे में अगली बार जब सदन में आएं तो ऐसी परंपराएं शुरू करें जो अच्छी हों, अनुकरणीय बनें।
विज्ञापन
सत्र के दौरान सदन के भीतर होहल्ला व वेल में आने वाली घटनाओं से काफी व्यथित नजर आ रहे विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि होली रंग का, प्रीति का, प्रकृति से जुड़ाव का उत्सव है। लेकिन होली के साथ दारू कब जुड़ गया, पता नहीं चलता।
उन्होंने कहा कि होली के साथ दारू जुड़ने को अच्छी परंपरा तो नहीं कह सकते। इसी तरह सदन के भीतर जो अच्छा नहीं लगता है उसे इस आधार पर आगे बढ़ाना ठीक नहीं है कि ऐसा पहले से हो रहा था। उन्होंने कहा कि अगले सदन में हम सभी आएं तो कई नई परंपरा डालें।