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अपने बर्थडे पर 'स्मार्ट पॉलिटिक्स' में कामयाब रहीं मायावती

Sun, 17 Jan 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 17 Jan 2016 12:25 AM IST
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How did Mayawati reveal her plan for 2017 election.

बसपा सुप्रीमो मायावती को अपने 60वें जन्मदिन पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की याद यूं ही नहीं आई। शाही जन्मदिन मनाने पर माया ने जिस तरह से सपा प्रमुख पर हमला बोला, वह अनायास नहीं है।

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जब मायावती सत्ता में थीं तो शाही अंदाज में जन्मदिन मनाने पर सपा उनकी आलोचना करती थी। अब मुलायम के शाही जन्मदिन के बहाने मायावती वोटरों को यह संदेश देने की कोशिश कर रही हैं कि सपा केवल डॉ. लोहिया का नाम भुनाने में जुटी है। पार्टी के नेता लोहिया के आदर्शों व सिद्धांतों से कोसों दूर हैं।
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दिलचस्प यह भी है कि मायावती ने जहां मुलायम को ही निशाने पर रखा, वहीं अखिलेश के खिलाफ एक लफ्ज भी नहीं बोलीं तो अखिलेश भी सियासी शिष्टाचार दिखाते हुए मायावती को लेकर तल्ख टिप्पणी से बचते रहे।
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मायावती ने महात्मा गांधी, वल्लभ भाई पटेल व जयप्रकाश नारायण का नाम लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। महापुरुषों के नाम की दुहाई देकर माया का विरोधियों पर हमला उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। वे दलितों के साथ-साथ अगड़ों और पिछड़ों को भी अपने पाले में लाना चाहती हैं।

इस तरह भाजपा की भी निकाली काट

How did Mayawati reveal her plan for 2017 election.

सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी मायावती ने प्रदेश में भाजपा की काट के लिए सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का मुद्दा उठाया है। सवर्णों को आम तौर पर भाजपा का बेस वोट माना जाता है।

माया ने कहा कि केंद्र सरकार को संविधान में संशोधन करके अपर कास्ट के गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का निर्णय करना चाहिए था। बसपा की नजर उन 17 अति पिछड़ी जातियों पर भी है जो अनुसूचित जाति में शामिल होने की मांग कर रही हैं।

मायावती ने कहा कि केंद्र को एससी- एसटी आरक्षण का कोटा बढ़ाकर अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करना चाहिए।

मोदी पर निशाना
मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं बख्शा। कहा कि मोदी के शासन में जनता के अच्छे नहीं, बुरे दिन आ गए। अंबेडकर की 125वीं जयंती पर उनके एक-दो स्मारकों पर संग्रहालय बनाने की घोषणा कर देना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि नहीं है।

अल्पसंख्यक भी रहे एजेंडे में

How did Mayawati reveal her plan for 2017 election.

मायावती ने कहा कि सूखे से बर्बाद किसानों के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है, लेकिन सपा प्रमुख के जन्मदिन और सैफई महोत्सव में मौज-मस्ती पर सरकारी खजाने से पैसे लुटाए जा रहे हैं। सपा व लोहिया के समाजवाद में जमीन-आसमान का अंतर है।

एजेंडे में अल्पसंख्यक भी
मायावती के एजेंडे में अल्पसंख्यक भी हैं। वे भेदभाव और भय के माहौल का आरोप लगाकर अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश कर रही हैं।

उनका कहना है कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक ताकतों को खुली छूट दे रही है, इससे देश में अफरा-तफरी का माहौल है।

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