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Lucknow News: हाईकोर्ट ने पॉलीटेक्निक से किसान पथ फ्लाईओवर निर्माण की मांगी प्रगति रिपोर्ट
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या रोड पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या पर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने पॉलीटेक्निक से किसान पथ तक फ्लाईओवर निर्माण की योजना पर अफसरों से प्रगति रिपोर्ट मांगी है। मामला दिसंबर के पहले सप्ताह में फिर सुना जाएगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश अवध बार एसोसिएशन की 2017 की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में हाईकोर्ट तक आने-जाने वाले वाहनों के जाम में फंसने की समस्या उठाई गई थी।
बीते 22 सितंबर को हुई सुनवाई में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय सिंह चौहान, आवास एवं शहरी विकास विभाग के मुख सचिव पी. गुरुप्रसाद, एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार और मेट्रो के महाप्रबंधक आशीष द्विवेदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार है, जिसका आईआईटी कानपुर या रुड़की से पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। इसमें एक माह का समय लगेगा। उसके बाद परियोजना को मंजूरी के लिए रखा जाएगा और कार्य शुरू किया जाएगा। कोर्ट ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर योजना की प्रगति रिपोर्ट हलफनामे के साथ दाखिल करें।
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गौरतलब है कि कमता और पॉलीटेक्निक चौराहे से किसान पथ तक ट्रैफिक जाम को लेकर हाईकोर्ट पहले भी कई निर्देश दे चुका है। बीते 12 अगस्त को हुई सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि 14 जुलाई को मंडलायुक्त, एलडीए वीसी और नगर आयुक्त की बैठक में यह तय किया गया कि पॉलीटेक्निक से किसान पथ तक मेट्रो संचालन व्यवहारिक नहीं है। बेहतर होगा कि मेट्रो को इंदिरा गांधी
प्रतिष्ठान से इकाना स्टेडियम तक चलाया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि मेट्रो योजना के बावजूद यहां फ्लाईओवर बनाना जरूरी होगा।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश अवध बार एसोसिएशन की 2017 की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में हाईकोर्ट तक आने-जाने वाले वाहनों के जाम में फंसने की समस्या उठाई गई थी।
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बीते 22 सितंबर को हुई सुनवाई में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय सिंह चौहान, आवास एवं शहरी विकास विभाग के मुख सचिव पी. गुरुप्रसाद, एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार और मेट्रो के महाप्रबंधक आशीष द्विवेदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार है, जिसका आईआईटी कानपुर या रुड़की से पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। इसमें एक माह का समय लगेगा। उसके बाद परियोजना को मंजूरी के लिए रखा जाएगा और कार्य शुरू किया जाएगा। कोर्ट ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर योजना की प्रगति रिपोर्ट हलफनामे के साथ दाखिल करें।
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गौरतलब है कि कमता और पॉलीटेक्निक चौराहे से किसान पथ तक ट्रैफिक जाम को लेकर हाईकोर्ट पहले भी कई निर्देश दे चुका है। बीते 12 अगस्त को हुई सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि 14 जुलाई को मंडलायुक्त, एलडीए वीसी और नगर आयुक्त की बैठक में यह तय किया गया कि पॉलीटेक्निक से किसान पथ तक मेट्रो संचालन व्यवहारिक नहीं है। बेहतर होगा कि मेट्रो को इंदिरा गांधी
प्रतिष्ठान से इकाना स्टेडियम तक चलाया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि मेट्रो योजना के बावजूद यहां फ्लाईओवर बनाना जरूरी होगा।