फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Gonda Train Accident: Another body found in Gonda train accident, death toll reaches four

Gonda Train Accident: गोंडा रेल हादसे में एक और शव मिला, अब तक चार की जान गई, ट्रेन के चालक का ऑडियो वायरल

Fri, 19 Jul 2024 01:38 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 19 Jul 2024 01:38 PM IST
सार

जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने गोंडा मेडिकल कॉलेज और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाजरत घायल रेलयात्रियों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की हरसंभव मदद के साथ इलाज करने की सलाह दी।

विज्ञापन
Gonda Train Accident: Another body found in Gonda train accident, death toll reaches four
गोंडा के मोतीगंज-झिलाही के बीच पिकौरा गांव के पास पलटे चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के डिब

विस्तार

चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ (असम) जा रही एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में एक और रेलयात्री का शव मिला है। पलटे एसी कोच को हटाने के बाद गिट्टी और बजरियों के बीच यह शव दबा मिला है। रेलयात्री के शव की अभी पहचान नहीं हो पाई है। चार्ट से नाम व हुलिया का मिलान करके जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे में अब तक मृतकों की संख्या चार हो गयी। पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम-डीआरएम के देखरेख में 800 रेलकर्मी दुरुस्तीकरण में जुटे हैं। रेल दुर्घटना में चार यात्रियों की जान जा चुकी है। कुल 33 घायलों में 31 रेल यात्रियों को सीएचसी मनकापुर, महाराजा देवीबख्श सिंह मेडिकल कॉलेज गोंडा, शहर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। इसके अतिरिक्त मरणासन्न हालात में गोंडा से लखनऊ रेफर किये गये दो अन्य घायलों का ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में ऑपरेशन किया गया। गोंडा और मनकापुर के बीच मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच पिकौरा गांव के पास चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ ट्रेन के 14 डिब्बे हुए थे बेपटरी हो गये थे। इनमें चार एसी कोच के साथ-साथ आठ डिब्बे पलट गये थे। 

विज्ञापन


महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने बताया कि बृहस्पतिवार को हादसा होने के बाद से लगातार राहत व बचाव कार्य में कई टीमें लगी हैं। शुक्रवार की शाम तक रेल परिचालन पूरी तरह से बहाल कर लिया जाएगा। अप लाइन सुबह दस बजे तक दुरुस्त किया जा चुका है, जबकि डाउन लाइन के शाम तक सही होने की उम्मीद है। कटर व जेसीबी मशीनों से क्षतिग्रस्त डिब्बे हटाए गये। हादसे के दौरान उखड़ी रेल पटरी को बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। पूरा रेलवे ट्रैक सीधा करते हुए इलेक्टि्रक लाइन व खंबों को व्यवस्थित किया जा रहा है। सीआरएस जांच भी शुरू कर दी गई है। मौके पर मिट्टी व गिट्टी के सैम्पल जुटाकर जांच के लिए भेजे गये हैं। कई अन्य बिन्दुओं पर तफ्तीश की जा रही है। आगे की जो भी कार्रवाई होगी, सुनिश्चित की जाएगी। 

विज्ञापन

मनकापुर स्टेशन से भेजे जा रहे डाउन व अपलाइन के मुसाफिर

परिवहन के लिए मनकापुर, बलरामपुर और अयोध्या से रेलयात्रियों के ट्रेनें पकड़ने के इंतजामात किये गये हैं। बिहार-बंगाल व असम व अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को जाने वाली ट्रेनों में सवारी के लिए डाउन व अप लाइन के मुसाफिरों को मनकापुर रेलवे स्टेशन से भेजा जा रहा है। जबकि बृहस्पतिवार को बीती रात लखनऊ से चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ की तर्ज पर बनी एक सवारी गाड़ी से सही सलामत बचे यात्रियों को बिठाकर रवाना किया गया। 

मरने वाले चार रेलयात्रियों में दो की अब तक शिनाख्त नहीं

इससे पूर्व बीती रात गोंडा पहुंची रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया सिन्हा वर्मा ने हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई। साथ ही रेल दुर्घटना में घायलों का हालचाल लिया। चार मृतकों में अररिया-बिहार निवासी सरोज कुमार सिंह और एक अज्ञात की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि धनेटी, अलीगंज-बरेली के मूल निवासी और चंडीगढ़ से ट्रेन में सवार राहुल कुमार के दोनों पैर कट जाने के कारण गोंडा से लखनऊ रेफर किया गया। रास्ते में जरवल रोड पहुंचते ही उन्होंने दम तोड़ दिया। शुक्रवार की सुबह दुर्घटनाग्रस्त वातानुकूलित चारों बोगियों को हटाने के दौरान गिट्टी व बजरियों के नीचे धंसा एक शव बरामद हुआ। इसकी भी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने रेलयात्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी के साथ हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। वहीं 33 लोगों का इलाज हो रहा है। 

विज्ञापन

घायलों से मिलने फिर पहुंची डीएम, चिकित्सकों को दी सलाह

जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने गोंडा मेडिकल कॉलेज और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाजरत घायल रेलयात्रियों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की हरसंभव मदद के साथ इलाज करने की सलाह दी। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य चिकित्साधीक्षक को पूरा ऐहतियात बरतने का निर्देश दिया। वहीं शुक्रवार को मोतीगंज के पिकौरा गांव पहुंचकर पूर्वोत्तर रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने रेलमार्ग को दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दिया। डाउन लाइन को शाम तक बहाल करने की कवायद शुरू हो गई है। 

जीएम-डीआरएम की देखरेख में 800 रेलकर्मी दुरुस्तीकरण में जुटे

घटनास्थल पर रेलवे जीएम सौम्या माथुर, डीआरएम आदित्य कुमार के साथ-साथ प्रिसिंपल चीफ इंजीनियर रंजन यादव, रेलवे बोर्ड के मेंबर, आरडीएसओ की रिसर्च टीम मौके पर डेरा जमाये रही। जीएम व डीआरएम की देखरेख में लगभग 800 रेलकर्मी दुरुस्तीकरण में दिनरात जुटे रहे। आईजी आरपीएफ तारिक अहमद व एसपी विनीत जायसवाल ने अपनी-अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। 

बेपटरी ट्रेन के चालक का रोते हुए ऑडियो वायरल 

पिकौरा गांव के पास मोतीगंज व झिलाही रेलवे स्टेशन के मध्य दोपहर पौने तीन बजे चंडीगढ़ से चलकर डिब्रूगढ़ को जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद लोको पायलट (चालक) त्रिभुवन बुरी तरह से घबरा गये। किसी तरह मोबाइल से फोन पर कंट्रोल रूम को हादसे की जानकारी दी। पूर्वोत्तर रेलवे के कंट्रोल कमांड में तैनात रेल कर्मचारी योगेंद्र से उन्होंने रोते हुए पूरी घटना बताई। बातचीत का ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान कंट्रोल से योगेंद्र लोको पायलट त्रिभुवन को बार-बार हिम्मत से काम लेने की सलाह देते सुने जा रहे। कहा- घबराइये नहीं आपके पास जल्दी ही रिलीफ टीम पहुंचेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed