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सावधान! अब ई-सिम से की जा रही धोखाधड़ी

Mon, 22 Mar 2021 01:31 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 01:31 AM IST
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fraud with e-sim
लखनऊ। साइबर अपराधी आएदिन ठगी करने के लिए नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। फोन करके बहाने से ओटीपी पूछने व लिंक भेजकर धोखाधड़ी करने को लेकर लोग जागरूक होने लगे तो साइबर अपराधियों ने नया तरीका इजाद कर लिया है। अब ई-सिम से अलग-अलग एप व ओटीपी के जरिए खाते से रकम उड़ाने की घटनाएं सामने आने लगी हैं।
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दरअसल ई-सिम के बारे में अभी लोगों को अधिक जानकारी ही नहीं है। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठा रहे हैं। इसके लिए साइबर अपराधी लोगों के मोबाइल पर मुफ्त रीचार्ज, 500 या 200 जीबी मुफ्ट डाटा व गिफ्ट कूपन का एसएमएस भेजते हैं। इस पर इच्छुक लोगों से कंपनी के ही नंबर पर अपना ई-मेल एड्रेस भेजने को कहा जाता है। इस नंबर पर ई-मेल भेजते ही मोबाइल कंपनी में उपभोक्ता की ई-सिम की रिक्वेस्ट चली जाती है। इसके बाद मोबाइल कंपनी की ओर से उपभोक्ता के साथ ही उक्त साइबर अपराधी के ई-मेल पर एक क्यूआर कोड भेज दिया जाता है। साइबर अपराधी इस क्यूआर कोड को स्कैन करके संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नंबर को ई-सिम से चालू कर लेते हैं। इसके बाद उसी नंबर पर गूगल-पे, फोन-पे आदि एप डाउनलोड करके खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं।
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इसके अलावा बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके कस्टमर आईडी भूलने की बात कहकर उसी नंबर पर एसएमएस मंगा लेते हैं। फिर फॉरगेट पासवर्ड ऑप्शन पर जाकर नया पासवर्ड जनरेट करके खाते से पूरी रकम उड़ा देते हैं। लखनऊ, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में ई-सिम से धोखाधड़ी के करीब दो सौ मामले सामने आ चुके हैं। एसटीएफ साइबर थाने में ऐसे कई मामलों की जांच की जा रही है।
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ये है ई-सिम
ई-सिम दरअसल सिर्फ वर्चुअल होता है। यह मात्र क्यूआर कोड ही होता है जिसे स्कैन करके ओरिजनल सिम कार्ड की तरह ही इस्तेमाल किया जाता है। ये गलत हाथ में पड़ गया तो समझें कि आपका मोबाइल फोन दूसरे के हाथ से संचालित हो रहा है।
फ्रॉड से बचने को बरतें ये सावधानी
यूपी पुलिस के साइबर सिक्योरिटी सलाहकार राहुल मिश्र का कहना है कि महज थोड़ी सी सूझबूझ से साइबर अपराध से आसानी से बचा जा सकता है। इसके लिए ये सावधानी बरतने की जरूरत है।
- गूगल पर कभी भी कस्टमर केयर नंबर न सर्च करें। जरूरत पड़ाने पर सिर्फ कंपनी की ऑफीशियल बेवसाइट पर जाकर ही सर्च करें।
- किसी के भी कहने पर क्विक सपोर्ट, एनी डेस्क, टीम विवर आदि एप्लीकेशन अपने फोन में इंस्टॉल न करें। इस तरह के एप्लीकेशन से दूसरा व्यक्ति आपके पूरे फोन को अपने कंट्रोल में ले सकता है।
- किसी केद्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को कतई स्कैन न करें। इस तरह के क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद जैसे ही आप अपना पिन इंटर करेंगे, आपका पैसा आपके खाते से कट जाएगा।
- जब भी किसी शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप इत्यादि जगह अपने एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करें, तो छिपाकर ही पिन इंटर करें। यही सावधानी एटीम बूथ में भी बरतें।
- कोई भी व्यक्ति यदि फेसबुक, व्हाट्सएप इत्यादि माध्यम से पैसे मांगे तो उसकेखाते में पैसे कतई न जमा करें।
- यदि कोई अनजान महिला आपको फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती है, वीडियो कॉल करने को कहती है या अश्लील बातें करने के लिए उकसाती है तो सतर्क हो जाएं क्योंकि ऐसी वीडियो कॉल करके आपको ब्लैकमेल किया जा सकता है।

- ओएलएक्स, क्विकर आदि वेबसाइट पर यदि आपको कोई सामान बहुत सस्ता मिल रहा हो तो सतर्क हो जाएं। कई बार फौजी बनकर लोग आपको भरोसे में ले लेते हैं। फौजी की वर्दी पहनकर आपको वीडियो कॉल भी कर सकते हैं।
- अपने वाहन का नंबर, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर आदि को कभी अपना पासवर्ड न बनाएं।
- अनजान व्यक्ति की कॉल पर कभी भी एटीएम, बैंक खाता व आधार कार्ड की जानकारी न दें।
- किसी भी वेबसाइट पर पेमेंट करते वक्त ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि उस पर एचटीटीपीएस हो तथा लॉक सिंबल बना हो।
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