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प्रेमिका को शरणालय से छुड़ाने के लिए प्रेमी ने भेजे फर्जी बहन-बहनोई

Mon, 18 Jul 2016 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Mon, 18 Jul 2016 10:45 AM IST
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fraud arrested trying to cheat shelter home authority
डेमो

हजरतगंज स्थित राजकीय महिला शरणालय से किशोरी को छुड़ाने आए फर्जी बहन-बहनोई सहित तीन लोगों को बृहस्पतिवार शाम अधीक्षिका आरती सिंह ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। 

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पूछताछ में पता चला कि किशोरी के प्रेमी हरदोई के कछौला कामीपुर निवासी समीर ने उसे छुड़ाने के लिए पिता अब्दुल हसन संग मिलकर साजिश रची थी। तीनों के खिलाफ अधीक्षिका ने हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है।
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अधीक्षिका ने बताया कि किशोरी को समीर बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया था। परिवारीजनों की शिकायत के बाद हरदोई पुलिस ने किशोरी को बरामद किया, लेकिन उसने घर जाने से इन्कार कर दिया।
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इसके बाद किशोरी को महिला शरणालय भेज दिया गया। इस बीच किशोरी के पिता कई बार उसे लेने आए, लेकिन वह उनके साथ नहीं गई। अधीक्षिका के पूछने पर वह बहन-बहनोई के घर जाकर उनके साथ रहने की इच्छा जताती थी।

अधीक्षिका ने हरदोई बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नीलम सिंह से बहन-बहनोई को भेजकर उसे ले जाने के लिए बातचीत भी की थी। बृहस्पतिवार शाम नीलम सिंह का आदेश लेकर समीर और उसके रिश्तेदार हरदोई के बेहटा गोकुल निवासी मेंहदी हसन और रामनगर के शौकीन की पत्नी शहरुन्निशा महिला शरणालय पहुंचे।

शहरुन्निशा ने खुद को किशोरी की बहन और मेंहदी हसन को अपना पति बताते हुए उसे लाने को कहा। उसने बाल कल्याण समिति का आदेश और अपनी व मेंहदी हसन की सत्यापित फोटो दीं।

शक होने पर पुलिस को दी जानकारी

fraud arrested trying to cheat shelter home authority
डेमो ‌पिक

शक होने पर अधीक्षिका तीनों को किशोरी के सामने ले गई, लेकिन उसने पहचानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद अधीक्षिका ने हजरतगंज पुलिस को बुलवाया और तीनों को कोतवाली भेज दिया।

समीर से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। समीर ने बताया कि बाल कल्याण समिति हरदोई की अध्यक्ष नीलम सिंह को उसने 5000 रुपये देकर आदेश कराया था। किशोरी के बाहर आते ही उन्हें 10,000 रुपये और देने थे।

उसने अपने रिश्तेदार मेंहदी हसन और शहरुन्निशा को भी रुपये का लालच दिया था। समीर ने बताया कि रुपये लेने की वजह से ही बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पूरी तरह से उसका सहयोग कर रही थीं। उन्होंने बुधवार को ही महिला शरणालय की अधीक्षिका से फोन पर बातचीत कर किशोरी को खुद आकर लेने की बात कही थी। 

हालांकि, बाद में उन्होंने दोबारा फोन कर बहन-बहनोई को भेजने की बात कही। बृहस्पतिवार को जब फर्जी बहन शहरुन्निशा शरणालय पहुंची तो नीलम सिंह ने उसके फोन से ही कॉल करके अधीक्षिका से बातचीत की।

अधीक्षिका ने बताया कि शहरुन्निशा उनसे मिली तो उससे पिता का नाम पूछा। इस सवाल से वह घबरा गई। उसने कहा कि अभी पूछकर आती हूं। पिता का नाम किसी से पूछने पर अधीक्षिका का माथा ठनका और उन्होंने सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी।

किशोरी से आमना-सामना कराया तो उसने भी पहचानने से इन्कार कर दिया। अधीक्षिका ने बताया कि बाल कल्याण समिति हरदोई की अध्यक्ष नीलम सिंह के इस खेल की शिकायत उन्होंने विभाग के आला अधिकारियों को दे दी है।

समिति के लखनऊ अध्यक्ष को महिला शरणालय बुलाकर उनकी कारगुजारी के बारे में बताया गया। इस मामले में पकड़े गए लोगों के बयान के आधार पर नीलम सिंह के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।

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