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Sitapur: दुष्कर्म का फर्जी केस लिखाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार
Wed, 25 Sep 2024 04:56 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 25 Sep 2024 04:56 PM IST
सार
पुलिस ने दुष्कर्म का फर्जी केस लिखाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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गिरफ्तार किए गए आरोपी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सीतापुर जिले के रामपुर कलां थाना क्षेत्र में गिरोह बनाकर दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा लिखाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एक फरार है। सभी को पुलिस ने जेल भेजा है। थाना क्षेत्र के एक गांव के पास बीती 20 सितंबर को एक किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पुलिस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर जांच की तो मामला फर्जी निकला।
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थानाध्यक्ष नवनीत मिश्रा ने बताया कि पिपरा गांव के पास 20 सितम्बर को एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना का पता चला। तहरीर के आधार पर मु.अ.सं.225/24 धारा 64 बीएनएस बनाम दो अज्ञात पंजीकृत किया गया। पुलिस टीम ने गहनता से जांच की। कॉल डिटेल्स व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि पीड़िता की मां शिवानी का पति प्रेम सऊदी गया है। जाने से पहले थाना अटरिया क्षेत्र ग्राम धारानगर निवासी प्रमोद का डाला वाहन चलाता था।
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इस दौरान प्रेम की पत्नी शिवानी व प्रमोद संपर्क में आये थे। शिवानी का पति गाड़ी चलाने का कार्य छोड़कर सऊदी काम पाने के उद्देश्य से चला गया जहां कुछ माह तक काम नही मिलने की दशा में उसके घर खर्च की समस्या आने पर प्रमोद द्वारा शिवानी को बाराबंकी से बुलाकर थाना सिधौली क्षेत्र में किराये पर कमरा दिला दिया और स्वयं उसका खर्च उठा रहा था।
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प्रमोद का अपने ही गांव के पड़ोस के राकेश के परिवार से जमीनी विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी जिसमें जुलाई में प्रमोद व राकेश दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी जिस पर थाना अटरिया पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी थी। प्रमोद ने पंजीकृत अभियोग की रंजिश मानते हुए राकेश के पुत्र आशीष को माध्यम बनाकर शिवानी और अपने साथियों के सहयोग से बदला लेने की योजना बनायी। योजनानुसार प्रमोद द्वारा शिवानी की पुत्री को कुछ समय पूर्व एक नया मोबाइल और नया सिम लाकर आशीष का नंबर उपलब्ध कराता है। दोनों की कुछ दिन वार्ता होने के उपरांत पीड़िता व आशीष को मिलने जनपद बाराबंकी के थाना कुर्सी क्षेत्रांतर्गत सैंदर में घटना से करीब दस दिन पूर्व मिलने बुलाने पर प्रमोद व उसका मित्र अनिल पुत्र रामखेलावन निवास धारानगर थाना अटरिया सीतापुर, ब्रेजा कार से मुस्कान को लेकर मिलवाने के लिये ले जाते हैं जिसके बाद पुनः घटना से एक हफ्ता पूर्व प्रमोद अपने साथी अनिल उपरोक्त, नरेंद्र पुत्र गुरदयाल नि.शीतलपुर थाना सिधौली सीतापुर, इंद्रेश पुत्र रामलखन नि.भवानीपुर थाना अटरिया सीतापुर के साथ शिवानी के कमरे पर जाकर अनिल उपरोक्त द्वारा पूर्व से व्यवस्था किये गये एक पुराने पर्स को देता है जिसमें कुल 154 रुपये व कुछ कागज (जो कि राकेश के घर से संबंधित है एवम् जिनमें राकेश के घर के ही सतीश व आशीष आदि के नाम अंकित) थे एवम् पीड़िता को दिनांक 20 सितम्बर की शाम रामपुरकलां क्षेत्र में पिपरा बाजार के पास आशीष को बुलाकर फंसाने की योजना बताते हैं।
घटना वाले दिन अनिल व प्रमोद, मां-बेटी को ब्रेजा कार से लाकर पुत्री को घटनास्थल से 2 किमी पहले छोड़ देते है। तत्पश्चात् प्रमोद का साथी नरेंद्र पीछे से मोटरसाइकिल से आकर पीड़िता को घटनास्थल पर घटना के दिन करीब 2.30 बजे लाकर छोड़ देता है, चूंकि आशीष का घर घटनास्थल से करीब 25 किमी दूर था जिस कारण उसके आने में देरी होती है जिस पर कई बार पीड़िता द्वारा जल्दी आने के लिये आशीष को बार-बार फोन करती है। घटनास्थल से आने जाने वाले लोगों द्वारा भी पीड़िता को इंतजार करते एवम् फोन पर बात करते देखा गया था।
आशीष करीब 04 बजे घटनास्थल पर पहुंचता है तो वह मिलने पर दुष्कर्म की घटना होने को लेकर चिल्लाती है जिस पर कुछ दूरी पर खड़ा नरेंद्र लड़का भाग रहा है कहते हुए दौड़ा देता है। पीड़िता अपने पास पहले से मौजूद पर्स को आशीष को पकड़ाते हुए अन्य लोगो को आशीष से पर्स छीनना प्रदर्शित करती है।
सूचना पर पहुंची पुलिस को आशीष का पर्स बताते हुए पर्स सुपुर्द कर थाना रामपुर कलां पर प्राप्त तहरीर के आधार पर दुष्कर्म के संबंध में मु.अ.सं.225/24 धारा 64 बीएनएस बनाम दो अज्ञात पंजीकृत होता है जिसमें घटना क्रम की गहनता से जांच एवम संदिग्धता प्रतीत होने पर उक्त तथ्य प्रकाश मे आये हैं। पीड़ित आशीष के पिता द्वारा षडयंत्रकर्ताओं की ओर से लगातार दुष्कर्म के उक्त मुकदमें में सुलह करने व धन उगाही के संबंध में थाना रामपुरकलां पर मु.अ.सं.230/24 धारा 61(2), 3(5), 308(6), 308(7), 351(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया जिसकी गहन विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आये कि पूर्व में पंजीकृत दुष्कर्म के मुकदमें में ये आरोपी षडयंत्रकर्ता हैं। षडयंत्र में संलिप्त 4 आरोपियो अनिल नरेंद्र इंद्रेश और शिवानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फरार प्रमोद की तलाश की जा रही है।