{"_id":"6404972a4584baf093026c14","slug":"fir-of-fraud-of-1575-lakh-is-filed-lucknow-news-c-13-lko1018-116771-2023-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगे 15.75 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगे 15.75 लाख
Sun, 05 Mar 2023 06:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 05 Mar 2023 06:50 PM IST
विज्ञापन
- रकम वापस मांगने पर आरोपी ने की हाथापाई, दी धमकी- कोर्ट के आदेश पर गाजीपुर थाने में मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर जालसाज ने गरिमा सक्सेना से 15.75 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने अपनी बहन कुमारी श्रेया के दाखिले के लिए आरोपी से संपर्क किया था। गाजीपुर थाने में सुनवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। आदेश होने पर चार मार्च को आरोपी के खिलाफ गाजीपुर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
गाजीपुर के रवींद्रपल्ली निवासी गरिमा सक्सेना के अनुसार वर्ष 2015 में बहन कुमारी श्रेया ने एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। मान्यता न होने से दाखिला निरस्त कर दिया गया था। उसी बीच श्रेया की कॉलेज परिसर में ही काउंसलर कुलभूषण वांकू से मुलाकात हुई थी। कुलभूषण ने ऊंची पहुंच का हवाला देेते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने की बात कही थी। बातचीत के बाद श्रेया ने 2021 में नीट की परीक्षा दी, पर अंक कम होने से सरकारी कॉलेज नहीं मिल सका।
इसके बाद श्रेया, उसकी बहन गरिमा और माता-पिता ने कुलभूषण से संपर्क किया तो उसने डाॅ. एमएल सक्सेना नाम के व्यक्ति की मदद से श्रेया का सरकारी कॉलेज में दाखिला कराने की बात कही और एमएल सक्सेना का मोबाइल नंबर भी दिया। बातचीत के बाद दाखिले का सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ।
विज्ञापन
इसके बाद एमएल सक्सेना 27 नवंबर 2021 को युवती व उसके परिजनों से अलीगंज स्थित होटल सैंड स्टोन इन मिलने पहुंचा। पता चला कि एमएल सक्सेना कोई और नहीं बल्कि कुलभूषण ही है। उससे जब नाम बदलकर बातचीत के बारे में पूछा गया तो हर हाल में सरकारी कॉलेज में दाखिला दिलाने की बात कही। इसके बाद धीरे-धीरे करके 15.75 लाख रुपये ऐंठ लिए।
रकम वापस मांगने पर की हाथापाई, धमकाया भी
दाखिला न होने पर गरिमा ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो ठग ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद गरिमा और उसके परिजन आरोपी से मिलने मुंशीपुलिया सुख कॉम्प्लेक्स स्थित उसके घर पहुंचे। बातचीत के दौरान आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार करते हुए हाथापाई की। सात जनवरी 2023 को गरिमा ने गाजीपुर पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर जालसाज ने गरिमा सक्सेना से 15.75 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने अपनी बहन कुमारी श्रेया के दाखिले के लिए आरोपी से संपर्क किया था। गाजीपुर थाने में सुनवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। आदेश होने पर चार मार्च को आरोपी के खिलाफ गाजीपुर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
गाजीपुर के रवींद्रपल्ली निवासी गरिमा सक्सेना के अनुसार वर्ष 2015 में बहन कुमारी श्रेया ने एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। मान्यता न होने से दाखिला निरस्त कर दिया गया था। उसी बीच श्रेया की कॉलेज परिसर में ही काउंसलर कुलभूषण वांकू से मुलाकात हुई थी। कुलभूषण ने ऊंची पहुंच का हवाला देेते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने की बात कही थी। बातचीत के बाद श्रेया ने 2021 में नीट की परीक्षा दी, पर अंक कम होने से सरकारी कॉलेज नहीं मिल सका।
विज्ञापन
इसके बाद श्रेया, उसकी बहन गरिमा और माता-पिता ने कुलभूषण से संपर्क किया तो उसने डाॅ. एमएल सक्सेना नाम के व्यक्ति की मदद से श्रेया का सरकारी कॉलेज में दाखिला कराने की बात कही और एमएल सक्सेना का मोबाइल नंबर भी दिया। बातचीत के बाद दाखिले का सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ।
विज्ञापन
इसके बाद एमएल सक्सेना 27 नवंबर 2021 को युवती व उसके परिजनों से अलीगंज स्थित होटल सैंड स्टोन इन मिलने पहुंचा। पता चला कि एमएल सक्सेना कोई और नहीं बल्कि कुलभूषण ही है। उससे जब नाम बदलकर बातचीत के बारे में पूछा गया तो हर हाल में सरकारी कॉलेज में दाखिला दिलाने की बात कही। इसके बाद धीरे-धीरे करके 15.75 लाख रुपये ऐंठ लिए।
रकम वापस मांगने पर की हाथापाई, धमकाया भी
दाखिला न होने पर गरिमा ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो ठग ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद गरिमा और उसके परिजन आरोपी से मिलने मुंशीपुलिया सुख कॉम्प्लेक्स स्थित उसके घर पहुंचे। बातचीत के दौरान आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार करते हुए हाथापाई की। सात जनवरी 2023 को गरिमा ने गाजीपुर पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।