एकेटीयू से जुड़े कॉलेजों के 15,000 दाखिले संदेह के घेरे में, दस्तावेज सत्यापन न होने पर होंगे निरस्त
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से जुड़े इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों में एक बार फिर बड़ी संख्या में कागजों पर दाखिले की आशंका दिख रही है। शैक्षिक सत्र 2017-18 में लगभग 72 हजार विद्यार्थियों के दाखिले हुए, इनमें से 15 हजार विद्यार्थियों के मूल प्रमाण पत्र कॉलेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में ये दाखिले संदेह के घेरे में आ गए हैं। अब विवि ने इन विद्यार्थियों का दाखिला लेने वाले कॉलेज को मूल प्रमाण पत्र सत्यापन कराने का आखिरी मौका दिया है।
बता दें, विश्वविद्यालय ने सत्र 2017-18 में कॉलेजों में प्रवेशित विद्यार्थियों का पिछले दिनों मूल दस्तावेज सत्यापन का काम शुरू किया था। कुल 72 हजार दाखिले में से 2500 विद्यार्थी ऐसे मिले हैं, जिनके ईआरपी पर अपलोड दस्तावेज पढ़ने में ही नहीं आ रहे हैं।
वहीं, लगभग 12,500 विद्यार्थियों के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके लिए विवि ने कॉलेजों को दो बार मूल दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया। इनमें से कुछ कॉलेज ही दस्तावेज लेकर आए।
रजिस्ट्रार ओमप्रकाश राय ने संबंधित कॉलेजों को पत्र भेजकर अपठनीय दस्तावेज के स्थान पर पठनीय दस्तावेज ईआरपी के माध्यम से हर हाल में 1 जुलाई तक अपलोड कराने को कहा है। इसके बाद 2 से 7 जुलाई तक चरणबद्ध तरीके से कॉलेजों को निर्धारित सेंटर पर जाकर अपने विद्यार्थियों के मूल दस्तावेज सत्यापन कराने हैं। इसके बाद भी जिन कॉलेजों के नामांकन सत्यापित नहीं होंगे, उनके नामांकन को निरस्त कर दिया जाएगा।
सत्र 2016-17 में 4000 नामांकन हुए थे निरस्त
एकेटीयू ने शैक्षिक सत्र 2016-17 में भी कॉलेजों ने प्रवेशित विद्यार्थियों के मूल दस्तावेज का सत्यापन कराया था, लेकिन कॉलेज लगभग 4000 विद्यार्थियों के डॉक्यूमेंट नहीं उपलब्ध करा सके। इसके बाद उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था।
वन व्यू पर नहीं दिखेगा रिजल्ट
नामांकन वाले विद्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन में समय लग रहा है। अब तक सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम भी आने शुरू हो गए हैं। किंतु जब तक इन विद्यार्थियों के दस्तावेज का सत्यापन नहीं हो जाता है, तब तक उनके रिजल्ट वन व्यू पर नहीं दिखेंगे। यानी विवि प्रशासन इन विद्यार्थियों का रिजल्ट नहीं जारी करेगा।