{"_id":"6469a1038418ba73970df690","slug":"fci-officer-wife-murder-revealing-servant-had-conspired-to-rob-partner-had-murder-when-woman-confronted-2023-05-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: एफसीआई अफसर की पत्नी को पांच मिनट में मार डाला, पर्दे के पीछे रहकर नौकर ने रची साजिश, ऐसे हुआ राजफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: एफसीआई अफसर की पत्नी को पांच मिनट में मार डाला, पर्दे के पीछे रहकर नौकर ने रची साजिश, ऐसे हुआ राजफाश
Sun, 21 May 2023 11:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 21 May 2023 11:09 AM IST
सार
लखनऊ में एफसीआई अफसर की पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके फरार साथी की तलाश जारी है। नौकर का साथी टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बनकर पहुंचा था। नौकर ने लूट की साजिश रची थी। महिला के भिड़ने पर साथी ने एफसीआई अफसर की पत्नी का कत्ल किया था।
विज्ञापन
FCI officer wife murder
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखनऊ में एफसीआई अफसर की पत्नी अनामिका सिंह (35) हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साजिश के तहत अफसर के नौकर अर्जुन सोनी का साथी इटौंजा निवासी वीरेंद्र कुमार यादव लूट करने पहुंचा था। इस दौरान अनामिका ने मोर्चा ले लिया था। तब उसने चाकू से गोदकर मार दिया और फरार हो गया।
पुलिस ने शनिवार को आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी ने पूरी वारदात कुबूली है। मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आदर्श कुमार एफसीआई मुख्यालय में एजी- ।। (टेक) के पद पर कार्यरत हैं। वह छोटा भरवारा में पत्नी अनामिका (मूलरूप से बलिया निवासी) व डेढ़ साल की बेटी के साथ रहते थे।
मकान की तीसरी मंजिल पर नौकर अर्जुन सोनी परिवार के साथ रहता है। शुक्रवार सुबह आदर्श दफ्तर चले गए थे। दोपहर को अनामिका का घर में ही कत्ल कर दिया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी नौकर ने वीरेंद्र कुमार यादव के साथ मिलकर आदर्श के घर में लूट करने की साजिश रची थी।
विज्ञापन
साजिश के तहत वीरेंद्र वहां पहुंचा था। घर में लूटपाट की पर अनामिका उससे भिड़ गई थीं। अनामिका के शोर मचाने पर वीरेंद्र चाकू से वार कर भाग निकला था। पुलिस ने आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया है। वीरेंद्र की तलाश जारी है।
विज्ञापन
पुलिस ने शनिवार को आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी ने पूरी वारदात कुबूली है। मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आदर्श कुमार एफसीआई मुख्यालय में एजी- ।। (टेक) के पद पर कार्यरत हैं। वह छोटा भरवारा में पत्नी अनामिका (मूलरूप से बलिया निवासी) व डेढ़ साल की बेटी के साथ रहते थे।
विज्ञापन
मकान की तीसरी मंजिल पर नौकर अर्जुन सोनी परिवार के साथ रहता है। शुक्रवार सुबह आदर्श दफ्तर चले गए थे। दोपहर को अनामिका का घर में ही कत्ल कर दिया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी नौकर ने वीरेंद्र कुमार यादव के साथ मिलकर आदर्श के घर में लूट करने की साजिश रची थी।
विज्ञापन
साजिश के तहत वीरेंद्र वहां पहुंचा था। घर में लूटपाट की पर अनामिका उससे भिड़ गई थीं। अनामिका के शोर मचाने पर वीरेंद्र चाकू से वार कर भाग निकला था। पुलिस ने आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया है। वीरेंद्र की तलाश जारी है।
पांच मिनट में अंजाम दी वारदात
एडीसीपी ने बताया कि दोपहर 1:20 मिनट पर अर्जुन टेलीकॉम कंपनी का फर्जी कर्मचारी बन मॉडम अपग्रेड करने पहुंचा था। 1:40 बजे अनामिका ने आदर्श को फोन कर बताया था कि कर्मचारी 4500 रुपये मांग रहा है।
एडीसीपी ने बताया कि दोपहर 1:20 मिनट पर अर्जुन टेलीकॉम कंपनी का फर्जी कर्मचारी बन मॉडम अपग्रेड करने पहुंचा था। 1:40 बजे अनामिका ने आदर्श को फोन कर बताया था कि कर्मचारी 4500 रुपये मांग रहा है।
इस पर आदर्श ने अनामिका से कहा कि पैसे अधिक हैं। उसे मना कर दो। 1:45 बजे जब आदर्श ने कॉल की तो अनामिका ने कॉल रिसीव नहीं की। फुटेज से पता चला कि इस वक्त पर आरोपी वीरेंद्र उनके उनके घर से बाहर निकला था। मतलब इन्हीं 5 मिनट के भीतर आरोपी अनामिका की हत्या की।
तरह घटना का हुआ राजफाश
एडीसीपी ने बताया कि वीरेंद्र ने जिस नंबर से आदर्श से संपर्क किया था, उसकी डिटेल निकाली गई। इसमें अर्जुन सोनी का भी नंबर मिला। ये दोनों लगातार बातचीत कर रहे थे। वारदात अंजाम देने जब वीरेंद्र पहुंचा था तो उसने 13 सेकंड की एक कॉल की थी। इसी से शक गहरा गया।
एडीसीपी ने बताया कि वीरेंद्र ने जिस नंबर से आदर्श से संपर्क किया था, उसकी डिटेल निकाली गई। इसमें अर्जुन सोनी का भी नंबर मिला। ये दोनों लगातार बातचीत कर रहे थे। वारदात अंजाम देने जब वीरेंद्र पहुंचा था तो उसने 13 सेकंड की एक कॉल की थी। इसी से शक गहरा गया।
अर्जुन से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कुबूली। उसने बताया कि वह वीरेंद्र के साथ पहले दूध बेचने का काम करता था। उसको आशंका थी कि अनामिका के घर में रकम व जेवरात मिल जाएंगे। इसलिए उसने वीरेंद्र के साथ मिलकर साजिश रची। चूंकि अर्जुन को सब जानते थे इसलिए वह पर्दे के पीछे रहा।