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Fake Toll Scam: यूपी में ओवरलोडिंग कर रहे 1600 वाहनों में 900 के टोल फर्जी नंबरों पर कटे, सूची देख चौंके अफसर

Sat, 04 Apr 2026 11:59 AM IST
Akash Dwivedi नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 04 Apr 2026 11:59 AM IST
सार

लखनऊ के टोल प्लाजाओं पर ओवरलोड वाहनों के फर्जी नंबरों से टोल काटने का बड़ा घोटाला सामने आया है। कई नंबर अस्तित्वहीन पाए गए। जांच में टोलकर्मियों की मिलीभगत और मैनुअल भुगतान के जरिए फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

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Fake Toll Scam In UP Toll Receipts Overloaded Vehicles Issued Under Bogus Numbers; Offi
टोल में खेल - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

इटैांजा टोल प्लाजा पर एक महीने के अंदर 1600 ओवरलोडेड वाहन गुजरे। इसमें 900 के टोल फर्जी नंबरों से काटे गए। चौकिए मत। ऐसे-ऐसे फर्जी नंबरों से टोल काटे गए हैं, जिनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। अफसरों को उन फर्जी नंबरों को ट्रैक करने में पसीने छूट गए। लेकिन उनका कहीं ओर-छोर नहीं मिला। न चेचिस, न ही नंबरों से वाहनों का विवरण मिला।

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यह किसी एक टोल प्लाजा का मामला नहीं है। लखनऊ के सभी टोल प्लाजाओं पर ऐसी स्थिति है। फर्जी नंबरों पर ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के टोल काटे जा रहे हैं। दरअसल, ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से निर्देशित किया गया।
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इसमें परिवहन सहित एचएचएआई, ट्रैफिक व अन्य विभागों को सख्ती बरतने को कहा गया। इसके बाद नेशनल हाईवे अथॅारिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई की ओर से टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का ब्योरा परिवहन विभाग को सैांपा गया।
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जब अधिकारियों ने सूची की पड़ताल की तो इसमें यह फर्जीवाड़ा सामने आया। इटैांजा टोल प्लाजा से जनवरी माह में 1600 ओवरलोड वाहन गुजरे। इनकी पड़ताल की जिम्मेदारी परिवहन विभाग के चार अफसरों को दी गई। जब अफसरों ने सूची जांची तो उनके होश उड़ गए।

ऐसे-ऐसे नंबरों से ओवरलोड वाहनों के टोल काटे गए थे, जिनका कहीं कोई अस्तित्व ही नहीं है। सूत्र बताते हैं कि 1600 वाहनों में करीब 900 के नंबर फर्जी पाए गए हैं। वहीं फरवरी माह में एनएचएआई की ओर से दी गई सूची के वाहनों में अभी तक 200 वाहन फर्जी पाए गए हैं।

 

Fake Toll Scam In UP Toll Receipts Overloaded Vehicles Issued Under Bogus Numbers; Offi
टोल प्लाजा पर चल रहा था खेल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

फर्जी नंबर से कटा टोल, एफआईआर दर्ज

एआरटीओ(प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव की टीम कानपुर रोड पर दरोगाखेड़ा में ओवरलोड वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच कानपुर से लखनऊ आ रहे ओवरलोडेड ट्रक यूपी 32 जेडएन 8925 की जांच की। उन्होंने बताया कि चालक लहरपुर(सीतापुर) निवासी मनीष से जब टोल की पर्ची मांगी गई तो उसने रसीद संख्या 1553972 थमाई।

यह तीन अप्रैल की सुबह साढ़े चार बजे की पर्ची थी। वाहन संख्या जांचने पर एआरटीओ का माथा ठनक गया। उन्होंने देखा कि पर्ची पर वाहन संख्या(एमए 34 एस 9455) दर्ज था। इस नंबर से जब वाहन का विवरण जांचा गया तो ऑनलाइन कोई डिटेल ही नहीं उपलब्ध थी।

एमए किसी राज्य का कोड ही नहीं है। पूरा नंबर फर्जी था। इतना ही नहीं बीती 30 मार्च को भी टोल से गुजरने पर इसी नंबर की पर्ची बनाई गई थी। वाहन ओवरलोडेड था। ऐसे में फर्जी नंबर, ओवरलोडिंग के मामलों में 1,08,600 रुपये का चालान काटा गया। मामले को लेकर सरोजनीनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।



 

टोलकर्मियों की मिलीभगत से हो रहा खेल

परिवहन विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि ओवरलोड वाहनों के टोल से गुजरने में कर्मियों की भी मिलीभगत है। मसलन, टोल फास्टैग से क्यों नहीं काटा जा रहा है। साथ ही ड्राइवर द्वारा मैनुएली टोल करवाने पर जो नंबर बताए जाते हैं, उनकी जांच क्यों नहीं होती। आशंका यह भी है कि ओवरलोड वाहनों से प्रतिमाह एनएचएआई के टोल पर वसूली भी होती है।

ऐसे हो रहा खेल

सूत्र बताते हैं कि टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का टोल फास्टैग से कटता है। लेकिन ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालक फास्टैग की जगह मैनुअली कैश में टोल कटवाते हैं। टोलकर्मी जब उनसे वाहन का नंबर पूछता है तो जो नंबर वह बता देते हैं, उस पर ही पर्ची काट दी जाती है और पेमेंट ले लिया जाता है। कैश में पेमेंट करने पर तय से करीब दोगुना चार्ज देना पड़ता है।

ओर न छोर, मनमाने नंबरों से कट रहे टोल

टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के नंबर ऐसे-ऐसे हैं, जिसमें राज्यों का अता-पता तक नहीं है। मसलन, यूपी32 का मतलब, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पंजीकृत वाहन से है। लेकिन इटैांजा टोल प्लाजा पर एमए24पीए2736 नंबर का ओवरलोड वाहन गुजरा, लेकिन एमए किसी राज्य का कोड नहीं है।

ऐसे ही एमएटी54जे3087 भी किसी राज्य का कोड नहीं है। एमबी1एयूजीसीसी4बीआरजीएल006 नंबर देखकर अफसरों के होश उड़ गए। सीएलएमएम101469, 1सी63588694, एमएएलए6994बी5एच9874, 1एसएनएम821418, एलएएमएम060405, ओएनसीएन221310, ओएडब्लूएसएक्स55238, सीडीपीसी429482, 57जे1जे28931, 21एच1सी07579 नंबरों पर ओवरलोड वाहनों के टोल काटे गए हैं।





 

Fake Toll Scam In UP Toll Receipts Overloaded Vehicles Issued Under Bogus Numbers; Offi
फर्जी नंबरों का कट रहा चालान - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

फास्टैग में दर्ज विवरण से बन रहीं पर्चियां

एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का टोल फास्टैग से काटा जाता है। ऐसे में फास्टैग में जो विवरण दर्ज होगा, उसकी ही पर्ची प्रिंट होती है। मामले में एनएचएआई की ओर से किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है। जांच का मामला परिवहन विभाग का है। यह समझना होगा।

फर्जी नंबरों से काट रहे टोल

आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने बताया कि  लखनऊ के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की जांच में यह बात सामने आई है कि टोल पर फर्जी नंबरों से पर्चियां काटी जा रही हैं। ऐसे नंबर, जिनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। ऐसे में हादसा होने की स्थिति में जिम्मेदारों पर कार्रवाई तक नहीं की जा सकती।
 

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