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Lucknow News: परीक्षा केंद्र बने निजी कॉलेजों में परखी जाएंगी सुविधाएं
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लखनऊ। यूपी बोर्ड की 10वीं, 12वीं की परीक्षा के लिए केंद्र बने निजी कॉलेजों में सुविधाओं की जांच होगी। हर केंद्र पर छात्र संख्या के अनुसार पेयजल, शौचालय और बैठने की सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधकों की होगी।
केंद्रों की अंतिम सूची जारी होने के बाद सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्य जांच करवाएंगे। 26 जनवरी से पहले सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पिछले साल कुछ परीक्षार्थियों ने सुविधाओं को लेकर पक्षपात का आरोप लगा था। इनकी शिकायत थी कि कॉलेज अपने छात्रों को ही शौचालय व पेयजल की सुविधा दे रहे हैं।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी। राजधानी में 126 केंद्रों पर 1.03 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिन परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं नहीं होंगी, वे परीक्षा से पहले बदले भी जा सकते हैं। केंद्र व्यवस्थापकों से लिखित में सुविधाओं का ब्योरा मांगा गया है।
रिकॉर्डिंग क्षमता बढ़ाएं केंद्र व्यवस्थापक
केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। परिणाम आने तक पूरी रिकॉर्डिंग संभालकर रखने की जिम्मेदारी व्यवस्थापकों की होगी। जिस कमरे में प्रश्नपत्र होंगे, वहां तीन अलमारियां रखनी होंगी। इसमें से एक में दसवीं और दूसरे में बारहवीं और तीसरी में वे प्रश्नपत्र रखे जाएंगे, जो बंडल खुलने के बाद बचेंगे। पहले दो अलमारियां होती थीं। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि यदि किसी बच्चे को परेशानी होगी तो अभिभावक केंद्र के बारे में विभाग को सूचना दे सकेंगे।
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केंद्रों की अंतिम सूची जारी होने के बाद सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्य जांच करवाएंगे। 26 जनवरी से पहले सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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पिछले साल कुछ परीक्षार्थियों ने सुविधाओं को लेकर पक्षपात का आरोप लगा था। इनकी शिकायत थी कि कॉलेज अपने छात्रों को ही शौचालय व पेयजल की सुविधा दे रहे हैं।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी। राजधानी में 126 केंद्रों पर 1.03 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिन परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं नहीं होंगी, वे परीक्षा से पहले बदले भी जा सकते हैं। केंद्र व्यवस्थापकों से लिखित में सुविधाओं का ब्योरा मांगा गया है।
रिकॉर्डिंग क्षमता बढ़ाएं केंद्र व्यवस्थापक
केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। परिणाम आने तक पूरी रिकॉर्डिंग संभालकर रखने की जिम्मेदारी व्यवस्थापकों की होगी। जिस कमरे में प्रश्नपत्र होंगे, वहां तीन अलमारियां रखनी होंगी। इसमें से एक में दसवीं और दूसरे में बारहवीं और तीसरी में वे प्रश्नपत्र रखे जाएंगे, जो बंडल खुलने के बाद बचेंगे। पहले दो अलमारियां होती थीं। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि यदि किसी बच्चे को परेशानी होगी तो अभिभावक केंद्र के बारे में विभाग को सूचना दे सकेंगे।