अब कारपोरेट फील्ड में 'पहचान' बनाएंगे किन्नर
किन्नर अब अपने पारंपरिक काम से हटकर बिजनेस करते नजर आएंगे।
कॉरपोरेट जगत में उनकी एंट्री कराने के लिए भी कवायद शुरू की गई है। यह कवायद लखनऊ से शुरू हो रही है।
सरकारी मदद से लघु उद्योग शुरू कर
किन्नरों को मुख्यधारा में शामिल करने की कवायद दिल्ली की एलायंस संस्था ने
की है। केंद्र की मदद से यूपी व बिहार में यह संस्था काम कर रही है।
यह
खास पहल ‘पहचान’ कार्यक्रम के तहत पूरी होगी। एलायंस से जुड़े लोग पहचान
पत्र पर जोर देने के साथ, अब समाज कल्याण विभाग की इन वंचितों के लिए
योजनाओं का लाभ दिलवाने के लगातार प्रयास कर रहे हैं।
संस्था की कोशिश है
कि इस समुदाय की सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें मुख्यधारा में लाया
जाए।
शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे ‘पहचान’ के
प्रोजेक्ट मैनेजर गिरीश कुमार ने बताया कि करीब 5,000 किन्नर लखनऊ व आसपास
के जिलों में हैं।
कुछ अभी संगठन से बाहर हैं जिनकी पहचान करने की कोशिश की
जा रही है। हम इन लोगों को बीमा की सुविधा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
सरकारी बैंक, समाज कल्याण विभाग से मदद लेकर उन्हें खुद के रोजगार शुरू
कराए जाने में भी मदद कर रहे हैं।