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Lucknow News: उपकेंद्र के ब्रेकर में आई खराबी, 15 मोहल्लों की बिजली गुल
Sat, 14 Oct 2023 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 14 Oct 2023 12:17 AM IST
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रायबरेली। जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्थां में सुधार नहीं हो पा रहा है। लाइनों में फाॅल्ट के चलते आपूर्ति बाधित होने से जगह-जगह हंगामा हो रहा है। ग्रामीण इलाकों के साथ शहर में भी आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शुक्रवार को तेलियाकोट उपकेंद्र के ब्रेकर में खराबी आने से कई मोहल्लों की बिजली दो-तीन घंटे बिजली गुल रही। इससे करीब 40 हजार आबादी को परेशानी हुई।
उपकेंद्र के ब्रेकर में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे खराबी आ गई। इससे रायपुर, कचहरी, सुपर मार्केट समेत 15 मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप हाे गई। सूचना पर उपखंड अधिकारी मधुबन सौरभ जायसवाल व टेस्ट डिवीजन की एसडीओ संहिता भारती टीम के साथ मौके पर पहुंची। दो-तीन घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने उपकेंद्र के ब्रेकर की फॉल्ट को दुरुस्त किया। इसके बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो की।
ऐसी फॉल्ट के चलते आपूर्ति बाधित होने से जिले के हर क्षेत्र में लोग परेशान हैं। ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे की जगह पांच-सात घंटे ही बिजली मिल रही है। शहरी क्षेत्र में रात में होने वाली कटौती से लोग बेहाल हैं। बिजली मांग घटने के बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। जिले में अगस्त और सितंबर में बिजली की मांग 350 मेगावाट तक पहुंच गई थी। इस समय मांग गिरकर 200 मेगावाट रह गई है। इसके बाद अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं।
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स्थानीय स्तर पर नहीं होती कटौती
अघोषित कटौती स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) लखनऊ से होती है। स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं कराई जाती है। आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। -रामकुमार, अधीक्षण अभियंता
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उपकेंद्र के ब्रेकर में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे खराबी आ गई। इससे रायपुर, कचहरी, सुपर मार्केट समेत 15 मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप हाे गई। सूचना पर उपखंड अधिकारी मधुबन सौरभ जायसवाल व टेस्ट डिवीजन की एसडीओ संहिता भारती टीम के साथ मौके पर पहुंची। दो-तीन घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने उपकेंद्र के ब्रेकर की फॉल्ट को दुरुस्त किया। इसके बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो की।
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ऐसी फॉल्ट के चलते आपूर्ति बाधित होने से जिले के हर क्षेत्र में लोग परेशान हैं। ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे की जगह पांच-सात घंटे ही बिजली मिल रही है। शहरी क्षेत्र में रात में होने वाली कटौती से लोग बेहाल हैं। बिजली मांग घटने के बाद भी आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। जिले में अगस्त और सितंबर में बिजली की मांग 350 मेगावाट तक पहुंच गई थी। इस समय मांग गिरकर 200 मेगावाट रह गई है। इसके बाद अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं।
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स्थानीय स्तर पर नहीं होती कटौती
अघोषित कटौती स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) लखनऊ से होती है। स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं कराई जाती है। आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। -रामकुमार, अधीक्षण अभियंता