फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   EESL leaves, Nagar Nigam takes over the street lighting system

Lucknow News: ईईएसएल की छुट्टी, नगर निगम ने संभाली मार्ग प्रकाश व्यवस्था

Sat, 09 Aug 2025 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Aug 2025 01:33 AM IST
विज्ञापन
EESL leaves, Nagar Nigam takes over the street lighting system
लखनऊ। काम में लापरवाही के कारण नगर निगम ने मार्ग प्रकाश व्यवस्था का काम देखने वाली निजी कंपनी ईईएसएल (एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड) को काम से हटा दिया है और खुद जिम्मेदारी संभाल ली है।
विज्ञापन


पिछले सात साल से करीब दो लाख मार्ग प्रकाश बिंदुओं के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनी ईईएसएल के पास थी, मगर काम में लापरवाही के आरोप लगातार लगते रहे। इसे लेकर कई बार कंपनी को नोटिस जारी हुआ और बिल में कटौती भी हुई। फिर भी कंपनी ने काम में सुधार नहीं किया जबकि वह हर साल करीब 42 करोड़ रुपये मार्ग प्रकाश व्यवस्था के रखरखाव के लिए लेती है। कंपनी को हटाने की मांग नगर निगम सदन में भी कई बार उठी। शासन को भी पत्र लिखे गए। करीब तीन साल पहले तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने भी कंपनी को हटाने के लिए कहा था। बीती 31 मई को कंपनी का अनुबंध समाप्त हो गया था, लेकिन तीन महीने के लिए अनुबंध बढ़ाया जा रहा था। इस पर अमर उजाला ने खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद नगर निगम ने अब कंपनी को हटा दिया। अनुबंध तीन महीने बढ़ाने को लेकर यह तर्क दिया जा रहा था कि स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए जरूरी सामान और लाइटों का इंतजाम किया जाना है।
विज्ञापन


ठेके पर काम होने के बाद हर महीने खर्च होते थे एक करोड़

करीब सात साल पहले शहर की मार्ग प्रकाश व्यवस्था के रखरखाव में बदलाव किया गया था। सोडियम और ट्यूबलाइटोंं को हटाकर एलईडी लाइटें लगाई गई थीं। जिसको लेकर यह कहा गया था कि इससे बिजली के साथ ही मरम्मत का खर्च भी कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नगर निगम के नियमित, कार्यदायी और संविदा कर्मचारियों मिलाकर करीब 500 कर्मचारी अब भी काम कर रहे हैं। इन पर हर महीने करीब 90 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 10 टावर भी चलाए जा रहे हैं, जिन पर हर महीने तेल, मरम्मत और ड्राइवरोंं को लगाने पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होते थे, क्योंकि कंपनी की लापरवाही के कारण ज्यादातर शिकायतों पर लाइटों को नगर निगम को ही ठीक करना पड़ता था। ऐसे में दोहरा खर्च हो रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


I
I

Iईईएसएल को हटा दिया गया है। एक अगस्त से नगर निगम ने खुद काम संभाल लिया है। कार्यदायी संस्था के जरिये 100 कर्मचारी भी मरम्मत कार्य के लिए बढ़ाए गए हैं। स्ट्रीट लाइटें खरीदी जा रही हैं। लाइटोंं की मरम्मत के लिए वर्कशाॅप भी बन गई है। I

I- मनोज प्रभात, मुख्य अभियंता, मार्ग प्रकाश विभाग, नगर निगमI
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article