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UP: चौधरी चरण सिंह विवि के पूर्व कुलपति की 3.21 करोड़ की संपत्तियां जब्त, पद पर रहते अर्जित की संपत्तियां
Sat, 20 Jul 2024 11:12 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 20 Jul 2024 11:12 AM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि पूर्व कुलपति डॉ. रामपाल सिंह ने पद पर रहते हुए मानकों का उल्लंघन कर तमाम चल-अचल संपत्तियां अर्जित की थीं। जब्त की गई संपित्त में उनका दो मंजिला आवास व भूमि शामिल है।
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पूर्व कुलपति डॉ. रामपाल सिंह।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय ने मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. रामपाल सिंह की 3.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें बदायूं और बरेली में रामपाल की आरपी सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमि व दो मंजिला आवासीय भवन शामिल है।
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उन्होंने कुलपति रहने के दौरान मानकों का उल्लंघन कर तमाम चल-अचल संपत्तियां अर्जित की थीं। ईडी ने पूर्व कुलपति के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दर्ज मुकदमे के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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विजिलेंस ने राज्य सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट में रामपाल सिंह को वर्ष 2003 से 2005 की अवधि के दौरान विभिन्न अनियमितताओं का दोषी पाया था। इनमें कंबाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी)-2004 के आयोजन में अनियमितताएं, सीसीएस विवि मेरठ में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्ति और विश्वविद्यालयों के मानकों का उल्लंघन कर कॉलेजों को संबद्धता प्रदान करना शामिल था।
ईडी की जांच में सामने आया कि रामपाल विवि के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहे। उन्होंने विवि के मानदंडों का उल्लंघन किया, जिससे सरकार को 3.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।