{"_id":"5d813b528ebc3e012c6527ca","slug":"earn-36-lakh-rupees-through-roof-of-pradhanmantri-awas-yojana-lucknow-news-lko4820985176","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री आवास की छतों से सालाना होगी लाखों की कमाई, आय करने के लिए बदला डिजाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री आवास की छतों से सालाना होगी लाखों की कमाई, आय करने के लिए बदला डिजाइन
Wed, 18 Sep 2019 02:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 02:18 PM IST
विज्ञापन
पीएम आवास
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के शारदानगर विस्तार योजना में एलडीए सोलर फार्मिंग कर प्रधानमंत्री आवास की छतों से कमाई करेगा। हर साल यहां करीब 36 लाख रुपये की आय होगी। इस बजट का उपयोग प्रधानमंत्री आवास की बिल्डिंगों और अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके लिए एलडीए ने यूपी नेडा से सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनी की मांग की है। यूपी नेडा को भेजे पत्र में कहा है कि शारदानगर विस्तार योजना में बने उनके 47 चार मंजिला टावरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली पैदा की जा सकती है।
विज्ञापन
सभी 46 ब्लॉकों को मिलाकर करीब 1800 से 2000 किलोवाट क्षमता का प्लांट लगाने के लिए जगह कंपनी को मिल जाएगी। इससे रोजाना करीब नौ हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। यानी, हर महीने 2.70 लाख यूनिट और सालाना करीब 32.40 लाख यूनिट बिजली मिलेगी। इस बिजली को कंपनी सीधे ग्रिड को बेच सकती है।
विज्ञापन
सरकार से भी प्रस्ताव करेंगे साझा
एलडीए के मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनी अनुबंध कर 40 प्रतिशत आय भी एलडीए को देगी। ऐसे में करीब तीन लाख रुपये महीने या 36 लाख रुपये सालाना एलडीए को मिल जाएंगे। इस बजट से उसी साइट पर रखरखाव का खर्च पूरा कर लिया जाएगा।
47 ब्लॉक के लिए तीन लाख रुपये महीना काफी बजट है। सरकार से भी प्रस्ताव साझा करेंगे। इसमें सूचना भेजी जा रही है कि प्रधानमंत्री आवास में रहने वाले परिवार खुद ही रखरखाव का खर्च नहीं उठा सकेंगे। ऐसे में उनके लिए स्थाई रूप से रखरखाव के लिए आय सुनिश्चित की जानी होगी।
सोलर प्लांट की स्थापना कर यह काम हो सकता है। शासन से यह भी मांग की जा रही है कि प्रधानमंत्री आवास की छतों पर बनी बिजली को एनटीपीसी या दूसरी निजी कंपनियों से होने वाली खरीद की दर से ही भुगतान किया जाए। इससे सालाना आय खुद से ही बढ़ जाएगी।
मुख्य अभियंता ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रधानमंत्री आवास में बने अपार्टमेंट की छतों को पूरी तरह खाली रखा गया है। पूर्व के सीमित आय वर्ग के लिए बनने वाली बिल्डिंगों की तरह यहां सभी फ्लैटों की अलग-अलग पानी की टंकी नहीं रखी जाएगी। पानी की आपूर्ति के लिए एक कॉमन टैंक सभी ब्लॉक में बनाया गया है। कोने की तरफ इसका निर्माण हुआ है। इससे छत पूरी तरह खाली हो गई हैं।
47 ब्लॉक के लिए तीन लाख रुपये महीना काफी बजट है। सरकार से भी प्रस्ताव साझा करेंगे। इसमें सूचना भेजी जा रही है कि प्रधानमंत्री आवास में रहने वाले परिवार खुद ही रखरखाव का खर्च नहीं उठा सकेंगे। ऐसे में उनके लिए स्थाई रूप से रखरखाव के लिए आय सुनिश्चित की जानी होगी।
सोलर प्लांट की स्थापना कर यह काम हो सकता है। शासन से यह भी मांग की जा रही है कि प्रधानमंत्री आवास की छतों पर बनी बिजली को एनटीपीसी या दूसरी निजी कंपनियों से होने वाली खरीद की दर से ही भुगतान किया जाए। इससे सालाना आय खुद से ही बढ़ जाएगी।
मुख्य अभियंता ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रधानमंत्री आवास में बने अपार्टमेंट की छतों को पूरी तरह खाली रखा गया है। पूर्व के सीमित आय वर्ग के लिए बनने वाली बिल्डिंगों की तरह यहां सभी फ्लैटों की अलग-अलग पानी की टंकी नहीं रखी जाएगी। पानी की आपूर्ति के लिए एक कॉमन टैंक सभी ब्लॉक में बनाया गया है। कोने की तरफ इसका निर्माण हुआ है। इससे छत पूरी तरह खाली हो गई हैं।