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Lucknow News: नमी बढ़ने के साथ कान में संक्रमण के मामले बढ़े
Tue, 16 Jul 2024 03:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 16 Jul 2024 03:22 AM IST
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संयुक्त जिला चिकित्सालय में जांच करते ईएनटी विशेषज्ञ।
श्रावस्ती। बरसात के बाद नमी बढ़ने से कान के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पताल आने वाला हर दूसरा मरीज कान के संक्रमण से पीड़ित है। वहीं ईएनटी सर्जन के पास अस्सी फीसदी मरीज कान की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
मौसम में आई नमी के कारण कान के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ईएनटी सर्जन डाॅ. मोहम्मद अजीम के पास रोजाना आने वाले मरीजों में अस्सी प्रतिशत मरीज के कान रोग से ग्रसित हैं। इसका कारण फंगल इन्फेक्शन व आर्द्रता बढ़ने के कारण कान में फफूंदी का होना तथा सर्दी-जुकाम होना बताया जा रहा है। सोमवार को ईएनटी सर्जन के पास आए 85 में से 50 मरीज कान के रोग से ग्रसित थे। चिकित्सक के अनुसार अस्पताल आने वाले ज्यादातर मरीज ग्रामीण क्षेत्र के हैं। इसका कारण उनका बारिश भीगना, ट्यूबवेल व जलाशयों में बिना कान बंद किए स्नान करना, सर्दी-जुकाम व नाक बंद होने की शिकायत पर उचित इलाज न कराना है। डॉ. ने सलाह दी कि लोगों को चाहिए कि वह जब भी नहाएं तो कान में रुई लगा लें। सर्दी-जुकाम की शिकायत होने पर चिकित्सक को दिखाएं। कान की स्वयं सफाई न करें। आवश्यक हो तो चिकित्सक से ही सफाई कराएं।
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मौसम में आई नमी के कारण कान के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ईएनटी सर्जन डाॅ. मोहम्मद अजीम के पास रोजाना आने वाले मरीजों में अस्सी प्रतिशत मरीज के कान रोग से ग्रसित हैं। इसका कारण फंगल इन्फेक्शन व आर्द्रता बढ़ने के कारण कान में फफूंदी का होना तथा सर्दी-जुकाम होना बताया जा रहा है। सोमवार को ईएनटी सर्जन के पास आए 85 में से 50 मरीज कान के रोग से ग्रसित थे। चिकित्सक के अनुसार अस्पताल आने वाले ज्यादातर मरीज ग्रामीण क्षेत्र के हैं। इसका कारण उनका बारिश भीगना, ट्यूबवेल व जलाशयों में बिना कान बंद किए स्नान करना, सर्दी-जुकाम व नाक बंद होने की शिकायत पर उचित इलाज न कराना है। डॉ. ने सलाह दी कि लोगों को चाहिए कि वह जब भी नहाएं तो कान में रुई लगा लें। सर्दी-जुकाम की शिकायत होने पर चिकित्सक को दिखाएं। कान की स्वयं सफाई न करें। आवश्यक हो तो चिकित्सक से ही सफाई कराएं।
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