{"_id":"68015210e5095b753406a418","slug":"eagle-mobile-team-deployed-for-crime-control-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1161964-2025-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अपराध नियंत्रण के लिए ''ईगल मोबाइल टीम'' तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अपराध नियंत्रण के लिए ''ईगल मोबाइल टीम'' तैनात
Fri, 18 Apr 2025 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 18 Apr 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
अपराध नियंत्रण के लिए 'ईगल मोबाइल टीम' तैनात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने के लिए लखनऊ पुलिस ने एक नई पहल की शुरुआत की है। पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देश पर सभी थानों में ‘ईगल मोबाइल टीम’ का गठन किया गया है। यह टीम अपराधियों की निगरानी और सत्यापन का कार्य करेगी।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि ‘ईगल टीम’ को ‘क्रिमिनल सर्विलांस एंड मॉनिटरिंग टीम’ का भी नाम दिया गया है। इसमें हेड कांस्टेबल और सिपाही तैनात किए गए हैं। हर टीम को अलग से दोपहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है ताकि वे घर-घर जाकर पेशेवर अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कर सकें।
टीम को रोजाना 10 अपराधियों का डोजियर तैयार करना होगा। यह डोजियर स्कैन कर डीसीआरबी (जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) को भेजा जाएगा और साथ ही ‘त्रिनेत्र एप’ पर अपलोड किया जाएगा। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ईगल टीम की ओर से थानों में अपराधियों के एलबम भी अपडेट किए जाएंगे।
विज्ञापन
टीम के लिए बनाया गया अलग व्हाट्सएप ग्रुप
ईगल टीम के लिए एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिस पर पुलिसकर्मी अपनी दैनिक कार्य रिपोर्ट साझा करेंगे। डीसीपी क्राइम इस टीम के कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर, इस टीम के सदस्यों को कोई अन्य ड्यूटी नहीं दी जाएगी। ईगल टीम की दी गई सूचनाओं के बेहतर उपयोग के लिए डीसीआरबी कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
विज्ञापन
पुलिस आयुक्त ने बताया कि ‘ईगल टीम’ को ‘क्रिमिनल सर्विलांस एंड मॉनिटरिंग टीम’ का भी नाम दिया गया है। इसमें हेड कांस्टेबल और सिपाही तैनात किए गए हैं। हर टीम को अलग से दोपहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है ताकि वे घर-घर जाकर पेशेवर अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कर सकें।
विज्ञापन
टीम को रोजाना 10 अपराधियों का डोजियर तैयार करना होगा। यह डोजियर स्कैन कर डीसीआरबी (जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) को भेजा जाएगा और साथ ही ‘त्रिनेत्र एप’ पर अपलोड किया जाएगा। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ईगल टीम की ओर से थानों में अपराधियों के एलबम भी अपडेट किए जाएंगे।
विज्ञापन
टीम के लिए बनाया गया अलग व्हाट्सएप ग्रुप
ईगल टीम के लिए एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिस पर पुलिसकर्मी अपनी दैनिक कार्य रिपोर्ट साझा करेंगे। डीसीपी क्राइम इस टीम के कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर, इस टीम के सदस्यों को कोई अन्य ड्यूटी नहीं दी जाएगी। ईगल टीम की दी गई सूचनाओं के बेहतर उपयोग के लिए डीसीआरबी कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।